उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य के आंदोलनकारियों को सीधा नौकरियों में आरक्षण का लाभ दिलाए जाने की तैयारी कर रहे हैं । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल के बाद ही कैबिनेट की उप समिति का गठन किया गया था। जिसने राज्य आंदोलनकारियों को फिर से 10% क्षैतिज आरक्षण दिलाए जाने की सिफारिश सरकार से की थी । इस कैबिनेट की उपसमिति के अध्यक्ष सुबोध उनियाल थे ।
उत्तराखंड में राज्य आंदोलनकारियों को 2005 से सरकारी सेवाओं में सीधा 10% क्षैतिज आरक्षण मिलता रहा था। लेकिन 2014-15 में नैनीताल हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल किए जाने के बाद कोर्ट ने इस शासनादेश को निरस्त कर दिया था।
इसके बाद इस प्रस्ताव को कैबिनेट में लाए जाने की तैयारी हो रही थी । लेकिन पिछली दो तीन कैबिनेट में इस प्रस्ताव को अधिकारी शामिल नहीं कर पाए थे । इसको लेकर कैबिनेट मंत्रियों और मुख्यमंत्री ने भी अपनी नाराजगी जताई थी ।लेकिन अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गैरसैंण में कैबिनेट बैठक हुई। वहां पर राज्य आंदोलनकारियों को सीधा 10% आरक्षण दिए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। अब संशोधित विधेयक एक बार फिर से विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा। वहां से पारित कराकर इसे राजभवन की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा ।अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री राज्य आंदोलनकारियों को आरक्षण का लाभ कब तक दिला पाते हैं।
एनडी तिवारी सरकार ने दिया था राज्य आंदोलनकारियों को लाभ
उत्तराखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने राज्य आंदोलनकारियों को 10% लाभ दिलाए जाने की कोशिश की थी। लेकिन 10 साल बाद इस लाभ को नैनीताल हाईकोर्ट ने खत्म कर दिया था।हरीश रावत की सरकार ने इसके बाद एक प्रस्ताव विधानसभा से पारित कराकर राजभवन भेजा था। लेकिन राजभवन ने इसे मंजूरी नहीं दी।
उपसमिति की रिपोर्ट के बाद धामी कैबिनेट ने लिया फैसला
इसके बाद पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने सबसे पहले तो राज भवन में भेजे गए विधेयक को वापस मंगवाया। उसके बाद उसमें क्या-क्या जरूरी संशोधन किए जाने हैं इसको लेकर कैबिनेट की उप समिति बनाई गई । उत्तराखंड के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल को इस समिति का अध्यक्ष बनाया गया। कमेटी ने अपनी सिफारिशें सरकार को सौंप दी थी । इसमें कहा गया था कि तमाम आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को सरकारी सेवाओं में 10% क्षैतिज आरक्षण दिया जाना चाहिए
उत्तराखंड में पहले जहां विधायक निधि 3.75 करोड़ रुपए सालाना हर विधायक को मिला करती थी वह अब बढ़कर 5 करोड़ रुपए हो गई है।
गैरसैंण में राज्यपाल ले0 ज0 गुरमीत सिंह का स्वागत करते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
उत्तराखंड में विधायकों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक तोहफा दिया है । गैरसैंण विधानसभा सत्र के पहले ही दिन हुई कैबिनेट बैठक में विधायकों को मिलने वाली विधायक निधि की राशि बढ़ा दी गई है । अब हर विधायक को हर साल 5 करोड़ रुपए विधायक निधि मिलेगी । इस विधायक निधि का इस्तेमाल वह अपने विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों को गति देने के लिए कर सकेंगे। अभी तक उत्तराखंड में एक विधायक को हर साल तीन करोड़ 75 लाख रुपए विधायक निधि के रूप में मिलते थे.
बीजेपी के विधायक और मंत्री कर रहे थे विधायक निधि बढ़ाने की मांग
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ऊपर पिछले कुछ महीनों से राज्य के कई मंत्री और बीजेपी के विधायक , विधायक निधि बढ़ाए जाने की मांग कर रहे थे। मुख्यमंत्री धामी ने भी विधायकों को आश्वासन दिया था कि बजट सत्र में उनकी मांग को पूरा कर दिया जाएगा। लेकिन उनकी मांग से ज्यादा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज उन्हें तोहफा दे दिया है। उत्तराखंड में विधायक निधि एक बड़ा मसला रहता है। पहाड़ी क्षेत्र के विधायकों की मांग हमेशा रही है कि उन्हें अपने क्षेत्र के विकास के लिए ज्यादा विधायक निधि की आवश्यकता होती है। यह सोच कर ही मुख्यमंत्री ने विधायक निधि सीधा 5 करोड़ रुपए हर साल हर विधायक के लिए कर दी, जबकि प्रस्ताव 4.25 करोड़ रुपए हर साल दिए जाने का था।
विधायक निधि खर्च करने को लेकर लगते रहे हैं आरोप
हालांकि कई बार विधायकों पर आरोप लगते हैं कि वह अपनी विधायक निधि समय पर खर्च नहीं कर पाते। एक रिसर्च के मुताबिक उत्तराखंड में कई विधायक अपनी विधायक निधि का 60% भी खर्च नहीं कर पाए । 2017 से 2022 तक के कालखंड में विधायक निधि का कुल 25% धनराशि खर्च ही नहीं हो पाई। लेकिन बावजूद इसके विधायकों की मांग विधायक निधि बढ़ाए जाने की लगातार बनी रही, जिसे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूरा कर दिया।
कई राज्यों के बराबर हुई उत्तराखंड के विधायकों की
वैसे उत्तराखंड में अब विधायक निधि राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बराबर हो गई है। राजस्थान में पहले जहां सवा दो करोड़ रुपए हर साल हर विधायक को विधायक निधि मिला करती थी तो उत्तर प्रदेश में 2019 तक यह राशि सिर्फ तीन करोड़ सालाना ही थी। इन दोनों राज्यों ने भी अपने यहां विधायक निधि 5 करोड़ रुपए कर दी। मध्य प्रदेश में अभी विधायक निधि दो करोड़ रुपए सालाना से कम है, जबकि दिल्ली में विधायक निधि 4 करोड़ रुपए रुपए सालाना पहुंच चुकी है। उत्तराखंड के पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में भी विधायक निधि अभी दो करोड़ रुपए ही है। अब देखना यह है कि इस विधायक निधि के बढ़ने का कितना फायदा उत्तराखंड के विकास में दिखाई देगा । लेकिन एक बात तो तय है कि इस विधायक निधि के बढ़ने से सरकारी खजाने पर बोझ तो बढ़ ही गया है, लेकिन विधायक मौज में आ गए हैं।
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक तरफ विधायकों के काम का जो की समीक्षा की तो दूसरी तरफ कांग्रेस इसको लेकर आग बबूला हो गई है। कांग्रेस ने इसे मुद्दा बना लिया है । कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करण मेहरा की तरफ से बयाना गया है और कांग्रेस इसे आगे भी उठाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। दूसरी तरफ बीजेपी कहती है कि जब जरूरत होगी तो कांग्रेस के विधायकों को भी समीक्षा बैठक में बुला लिया जाएगा।
गढ़वाल संसदीय सीट की समीक्षा के बाद पकड़ा मामले ने तूल
मामला तब ज्यादा तूल पकड़ा जब गढ़वाल संसदीय सीट के विधायकों की समीक्षा की जा रही थी। उनके कामकाज को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी फीडबैक ले रहे थे। सीएम धामी अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे । बद्रीनाथ धाम के विधायक हैं राजेंद्र भंडारी। राजेंद्र भंडारी समस्या यह है कि उनके विधानसभा क्षेत्र में जोशीमठ आता है और वहां पर जो कुछ कामकाज हुआ है उससे कांग्रेस संतुष्ट नहीं है ।वह इसको लेकर अपनी नाराजगी जताना चाहते थे और कुछ सुझाव देना चाहते थे। लेकिन उन्हें इस बैठक में बुलाया ही नहीं गया है ।
“जब समीक्षा की गई तो बद्रीनाथ के विधायक राजेंद्र भंडारी को भी बैठक में बुलाना चाहिए था. वो जोशीमठ की समस्या को लगातार उठा रहे हैं. उनके कुछ सुझाव भी हैं. “
कारण माहरा, अध्यक्ष, उत्तराखंड कांग्रेस
“कांग्रेस के विधायकों के साथ अलग से समीक्षा की जा सकती है.”
महेंद्र प्रसाद भट्ट, बीजेपी अध्यक्ष, उत्तराखंड
कांग्रेस ने नाराजगी जताई, बीजेपी ने दिया जवाब
इसके बाद कांग्रेस ने अपना अधिकृत बयान जारी किया जो कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण मेहरा की तरफ से आया ।दूसरी तरफ करण मेहरा के जवाबों पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र प्रसाद भट्ट ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि विपक्ष के विधायकों के साथ मुख्यमंत्री फिर से समीक्षा कर सकते हैं। लेकिन मामला यहीं पर शांत नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह
हम उस संस्कृति के साधक हैं जहां पुरुष की परिकल्पना नारी के बिना अधूरी मानी जाती है। हमारे यहां जहां एक ओर अर्धनारीश्वर की पूजा की जाती है वहीं दूसरी ओर मां जगदम्बा को इस श्रृष्टि का मूल माना जाता है, यह बात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस के अन्तर्गत महिला सशक्तिकरण एवं सुरक्षा सप्ताह के शुभारंभ एवं ‘महिला भागीदारी को प्रोत्साहन’ में प्रतिभाग करते हुए कही।
महिलाओं के खिलाफ नहीं होनी चाहिए हिंसा
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि महिलाओं और बच्चों के विरूद्ध होने वाली मानसिक और शारीरिक हिंसा की घटनाओं को सक्षम स्तर पर सूचित करते हुए रोकने का प्रयास करने वाले व्यक्ति को महिला सुरक्षा प्रहरी के रूप में जाना जाएगा तथा मुख्यमंत्री द्वारा ऐसे व्यक्ति या समूह को विशेष अवसरों पर सम्मानित भी किया जाएगा। उन्होंने दूसरी घोषणा की कि समाज की कुरीति बाल विवाह की पूर्वसूचना पुलिस को देने वाले या रोकने का प्रयास करने वाले व्यक्ति या संस्था को दस हजार रूपये की राशि से पुरस्कृत किया जाएगा तथा इन कार्यों में विशेष योगदान देने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।
कुरीतियों के खिलाफ काम करने वाले होंगे सम्मानित
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास के ई-पेपर ‘अपनी वाणी’ का शुभारंभ किया एवं महिलाओं की आत्मरक्षा पर बनी लघु फिल्म का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह को रोकने एवं सामाजिक सरोकारों के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने देवभूमि उत्तराखण्ड की समस्त नारीशक्ति को नमन करते हुए महिला सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि किसी समाज या राज्य की रीढ़, उसकी सशक्त महिलाएं ही हैं। यदि किसी राज्य की नारी शक्ति प्रगति कर रही है तो उस राज्य का विकास सुनिश्चित है, उसे कोई रोक नहीं सकता। उत्तराखण्ड के निर्माण में महिलाओं ने अपना विशेष योगदान दिया है। एक ओर जहां प्रदेश की मातृशक्ति ने पूरे समाज को विपरीत परिस्थितियों में जीना सिखाया, जूझना सिखाया, वहीं दूसरी ओर हर परिस्थिति में जीतना भी सिखाया है। राष्ट्र-निर्माण में महिलाएं, पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
अपराध करने वाले सोचेंगे कोई गड़बड़ी करने से पहले
उन्होंने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में कहा गया है जहां नारियों की पूजा होती है, वहां देवता निवास करते हैं। परंतु कालांतर में आक्रांताओं के प्रभाव के कारण समाज का महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण बदल गया,इसका परिणाम महिलाओं के साथ किए जाने वाले अपराधों के रूप में सामने आया। परंतु अब समय आ गया है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों के मन में भय पैदा किया जाय। ऐसे लोगों को ऐसा दंड मिले कि ऐसा घृणित अपराध करने से पहले इसके परिणाम के बारे में सोचकर उनकी रूह कांप जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र तथा राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए मिलकर सभी प्रकार के प्रयत्न कर रही हैं। महिलाओं को होम-मेकर के साथ – साथ नेशन-मेकर के रूप में आगे बढ़ना होगा, तभी सही अर्थों में राष्ट्र का विकास संभव हो पायेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हमारा निरंतर प्रयास है कि महिलाओं के जीवन स्तर को जितना अधिक हो सके उतना ऊपर उठाया जा सके.
सरकार करती है महिलाओं का सम्मान
राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने के साथ ही ‘मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना‘, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना, मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना, लखपति दीदी योजना, महिलास्वयं सहायता समूहों को मजबूती प्रदान करने और पोषण अभियान जैसी योजनाएं प्रारंभ की हैं। शिक्षा का क्षेत्र हो, खेल का क्षेत्र हो या फिर सामाजिक न्याय की बात हो, हर क्षेत्र में महिलाओं को शक्ति संपन्न बनाने के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार द्वारा बनाई जाने वाली नीतियों में महिलाएं हमेशा प्राथमिकता पर रही हैं। प्रधानमंत्री जी द्वारा उज्ज्वला योजना चलाई जा रही है, इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के 01 लाख 76 हजार अंत्योदय कार्डधारकों को साल में तीन गैस सिलिण्डर मुफ्त दिये जा रहे हैं। राज्य सरकार प्रधानमंत्री जी द्वारा दिए गए मंत्र ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ‘ को लेकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास कर रही है। हमारी बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ें, देश का नाम रोशन करें, यह हम सबका दायित्व है। पर्वतीय क्षेत्रों में महिलाओं की राह को आसान करने के लिए सरकार ‘जल जीवन मिशन‘ योजना पर तेजी से काम कर रही है। हमारा लक्ष्य 2025 तक उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल करना है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए राज्य सरकार को मातृशक्ति का आशीर्वाद एवं समर्थन चाहिए।
महिला सशक्तिकरण मंत्री ने दी जानकारी
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक एवं राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। बेटी के पैदा होने पर महालक्ष्मी किट दी जा रही है। 12वीं पास करने पर नंदा-गौरा योजना के तहत बेटियों को 51 हजार रूपये की धनराशि दी जा रही है। विभाग द्वारा अनेक योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण एवं सुरक्षा सप्ताह के तहत विभाग द्वारा पूरे सप्ताह कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत आज महिला सुरक्षा एवं भागीदारी प्रोत्साहन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय महिला सप्ताह पर होंगे अनेक कार्यक्रम
द्वितीय दिवस में महिलाओं एवं बालिकाओं, विशेषकर अकुशल श्रमिक महिलाओं की स्वास्थ्य सुरक्षा हेतु स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन एवं श्रम विभाग के साथ समन्वयन कर निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जायेगा। तृतीय दिवस मानव तस्करी एवं बाल विवाह निषेध सम्बंधित महत्वपूर्ण विषयों पर गृह विभाग के साथ समन्वयन कर जागरूकता अभियान चलाया जायेगा । चतुर्थ दिवस राज्य में संचालित सरकारी / निजी संस्थानों, प्रतिष्ठानों, उद्यमों, कार्यालयों, विश्वविद्यालयों एवं विद्यालयों में कार्यरत महिलाओं की सुरक्षा के संबंध में गृह विभाग द्वारा “गौरा शक्ति एप“ एवं “कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न“ के कानूनी प्रावधानों से सम्बंधित जन-जागरूकता अभियान कार्यक्रम किया जायेगा। पंचम दिवस में परिवहन विभाग द्वारा सार्वजनिक यातायात के साधनों, यथा-बसों, ऑटो, टैक्सियों पर आपातकालीन नम्बर-112, महिला हैल्पलाईन नम्बर-1090, के साथ-साथ “मैं महिला सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हूँ“ टैग लाईन का अंकन किया जायेगा। षष्ठम दिवस में महिला सशक्तिकरण हेतु अन्तर्विभागीय योजनाओं की जानकारी प्रदान कर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में निराश्रित/एकल महिलाओं के उत्थान कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।
पी ०सी०एस० एवं अन्य उच्च पद में साक्षात्कार का प्रतिशत कुल अंकों के 10 प्रतिशत से ज्यादा नहीं रखा जाएगा।
हल्द्वानी की रैली में CM की घोषणा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को रामलीला मैदान, हल्द्वानी, में नकल विरोधी कानून लागू करने के उपलक्ष में भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा आयोजित आभार रैली में प्रतिभाग कर जनसभा को संबोधित किया।मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर घोषणा की कि समूह ’ग’ की कोई भी परीक्षा चाहे वह लोक सेवा आयोग से बाहर की हो या लोक सेवा आयोग के द्वारा कराई जा रही हो।
साक्षात्कार में 40 प्रतिशत से कम और 70 प्रतिशत से अधिक दिए जाते हैं नंबर तो देना होगा स्पष्टीकरण।
सभी परीक्षाओं में साक्षात्कार की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जाय। इसमें तकनीकी और गैर तकनीकी पद भी सम्मिलित होंगे अर्थात् जेई जैसे तकनीकी पदों में भी साक्षात्कार की व्यवस्था पूर्ण रूप से समाप्त कर दी जाएगी।
उच्च पदों में जहाँ साक्षात्कार आवश्यक हो, जैसे- पी०सी०एस० या अन्य उच्च पद वहां भी साक्षात्कार का प्रतिशत कुल अंकों के 10 प्रतिशत से ज्यादा नहीं रखा जाएगा। साक्षात्कार के अकों को भी पारदर्शी प्रक्रिया के तहत साक्षात्कार में किसी भी अभ्यर्थी को यदि 40 प्रतिशत से कम और 70 प्रतिशत से अधिक दिए जाते हैं तो साक्षात्कार लेने वाले व्यक्ति या बोर्ड को इसका स्पष्ट कारण बताना होगा।
हजारों की संख्या में मौजूद युवाओं का अभिनंदन स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हल्द्वानी में युवाओं द्वारा किए गए इस भव्य स्वागत से मैं अभिभूत हूं।
उन्होंने कहा कड़ी मेहनत के दम पर परीक्षा देने वाले नौजवान के हक पर कोई डाका न डाले सके।
युवाओं के हिस्से की सफलता का कोई और लाभ न उठा सके इसके लिए राज्य सरकार कड़े से कड़ा कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इन्हीं कदमों के अंर्तगत प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए सरकार ने देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून बनाया है। ये कानून नकल माफिया को काल कोठरी के अंदर तक ले जायेगा। राज्य सरकार किसी भी युवा साथी के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने देगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार के लिए राज्य की जनता सर्वोपरि है और हमारा हर एक फैसला जन भावनाओं के आधार पर लिया जा रहा है। समाज के हर वर्ग के जीवन स्तर को ऊंचा उठाए जाने पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने पिछले वर्ष केदारनाथ की पुण्य भूमि से कहा था कि 21वी सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। इसी संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए आप और हम मिलकर काम कर रहे हैं। राज्य सरकार जनता के हित में सदैव कार्य करने का प्रयास करता रहेगा।
बजट जनता की मांग के अनुरूप होगा:CM धामी
राज्य सरकार का प्रयास है कि आने वाला बजट युवा और रोजगार केंद्रित बजट हो। हम ऐसा बजट लाने का प्रयास करेंगे जो प्रदेश के युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं के अनुरूप होगा। हम आने वाला बजट में प्रदेश की माताओं और बहनो को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य करेंगे और प्रदेश के किसानों को खुशहाली प्रदान करने का भी प्रयास करेंगे। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का निरंतर प्रयास है कि आम लोगों का जीवन सुगम बनाया जा सके।
आम जन की प्रगति, विकास से ही उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना है। उन्होंने कहा उत्तराखण्ड की सेवा करने का मुझे जितना भी अवसर मिला है, मैंने उसका एक- एक पल राज्य के लिए समर्पित करने का प्रयास किया है।
महिलाओं को 30% आरक्षण मिलता रहेगा सरकारी सेवाओं में
राज्य सरकार ने प्रदेश की महिलाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए उन्हें सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण देने का अपना फैसला, धरातल पर उतारा वहीं खेल कोटा भी पुनः प्रारंभ किया। सरकार ने उत्तराखंड में सबसे पहले नई शिक्षा नीति को लागू किया।
नई खेल नीति लाकर युवा खिलाड़ियों से किए गए वादे को भी पूरा करने का प्रयास किया। इसी प्रकार से हम प्रदेश में पर्यटन नीति, ऊर्जा नीति सहित विभिन्न विभागों से संबंधित नीतियां लाने का कार्य कर रहे हैं, ये नीतियां भविष्य में रोजगार को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होंगी।
नकल विरोधी कानून से होगा युवाओं को लाभ
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राज्य में लागू किए गए नकल विरोधी कानून का कठोर निर्णय नकल माफियाओं को नेस्तनाबूद करने का काम करेगा। पहली बार नकल करने वालों ,कराने वालों और प्रक्रियाओं को सही प्रकार से लागू न करने वालों को जेल की काल कोठरी में डालने का काम किया है। उन्होंने कहा वर्तमान में भर्ती घोटाले की जो भी जाँच हमारी सरकार करवा रही है वह जाँच निष्पक्ष हो और किसी भी माफिया या अपराधी को छोड़ा न जाय यह सुनिश्चित करने के लिए मैं स्वयं निरन्तर जाँच और कार्यवाही का पर्यवेक्षण कर रहा हूँ। जाँच में किसी भी प्रकार की कोई कमी न रहे, कोई पक्षपात न हो, कोई माफिया या अपराधी छूटे नहीं, इसके लिए सरकार ने माननीय उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति से पूरी जाँच की निगरानी करने का अनुरोध भी किया है। इस कानून में हमने प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल करवाने वाले और नकल करने वाले दोनों को ही कठोतम् सजा का प्रावधान किया है। जहाँ नकल में शामिल अपराधियों को आजीवन कारावास भी होगा, 10 करोड़ तक जुर्माना भी होगा और घोटाले से अर्जित सम्पत्ति को भी जब्त कर लिया जाएगा। सरकार ने हाल ही में पीसीएस परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराने का कार्य किया है, इस परीक्षा में करीब एक लाख से अधिक युवाओं ने प्रतिभाग किया।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नकल विरोधी कानून केवल और केवल प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए है न कि किसी स्कूल और कॉलेज की परीक्षाओं के लिए।
केन्द्र एवं राज्य सरकार की नीतियां सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भावना से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा प्रतियोगी परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के लिए भविष्य में भी जो सुझाव आएंगे उन्हें भी हमारी सरकार आवश्यकतानुसार लागू करेगी। राज्य सरकार अंत्योदय के मंत्र पर कार्य करते हुए अंतिम व्यक्ति को मुख्य धारा से जोड़ रही है। विकसित उत्तराखंड का जो स्वप्न हमने देखा है, उसके लिए हम एक विजन को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। हमारा संकल्प है राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष तक उत्तराखंड को भारत का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना है।
हल्द्वानी में आयोजित रैली में हजारों युवाओं ने बढ़ चढ़ कर किया प्रतिभाग, सख़्त नकल विरोधी कानून का किया स्वागत।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया लोहियाहेड पावर हाउस का निरीक्षण।
पावर हाउस को पूरी क्षमता के साथ संचालित करने के दिये निर्देश।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार सायं को खटीमा स्थित लोहिया हेड पावर हाउस का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने पावर हाउस का निरीक्षण कर विद्युत उत्पादन आदि की स्थिति का जायजा लिया तथा कार्यरत कार्मिकों से भी आवश्यक जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने पावर हाउस को पूरी क्षमता के साथ संचालित करने के भी निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों एवं अभियन्ताओं को दी है।
प्रदेश में इस वर्ष अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में महिला भागीदारी प्रोत्साहन विषय पर साप्ताहिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में भारत सरकार से प्राप्त दिशा-निर्देशों एवं मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में इस वर्ष 01 मार्च से 08 मार्च 2023 तक महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग एवं गृह विभाग के संयुक्त तत्वाधान में राज्य स्तर के साथ साथ जनपद एवं विकासखण्ड स्तर पर विभिन्न विभागों सहयोग से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
2 मार्च को CM धामी करेंगे शुरुवात
2 मार्च को पूर्वाहन में मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। इस आयोजन में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास एवं गृह विभाग की संयुक्त भागीदारी रहेगी। जिसमें महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं हेतु ई-पेपर का अनावरण, किशोरियों की आत्मरक्षा सम्बन्धी प्रशिक्षण एवं मूवी का लोकार्पण एवं विभिन्न जनपदों में सामाजिक कार्यों के क्षेत्र में किये गये उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरकारी गैर सरकारी महिला एवं पुरुषों को प्रशस्ति पत्र का वितरण किया जायेगा।
विभागों के बीच तालमेल बैठाकर होंगे कार्यक्रम
अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस को पूरे सप्ताह महिला सशक्तिकरण- महिला भागीदारी प्रोत्साहन एवं सुरक्षा सप्ताह के आयोजित किये जाने के भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में 01 से 06 मार्च 2023 तक विभिन्न दिवसों पर जनपद/विकासखण्ड स्तर पर जिला प्रशासन, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग श्रम विभाग एवं परिवहन विभागों के आपसी समन्वयन के माध्यम से कार्यक्रम संचालित भी किये जायेंगे।
मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने पंत नगर से रामनगर तक लिया पूरा जायजा
G20 सम्मिट की भव्य एवं दिव्य तैयारियां करने के अधिकारियों को निर्देश
मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने मंगलवार को पन्तनगर एयरपोर्ट पहुँचकर 28 से 30 मार्च तक रामनगर में प्रस्तावित जी-20 सम्मेलन के सफल आयोजन हेतु पन्तनगर एयरपोर्ट पहुॅचकर बैठक व व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया।
सभी तैयारी समय पर पूरे करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने पंतनगर एयरपोर्ट के कक्ष में जिला उधमसिंहनगर व नैनीताल के अधिकारियों की बैठक लेते हुए G20 सम्मिट से संबंधित सभी तैयारियों को समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य के लिए यह गौरव का पल है कि राज्य में G20 समिट की तीन बैठकों का आयोजन होना है। रामनगर में होने वाली राउंड टेबल सम्मेलन में विदेशों से टॉप वैज्ञानिक शामिल होंगे तथा चीफ साइंस टेबल राउंड कॉन्फ्रेंस होंगी। बैठक में मुख्य सचिव ने निदेशक एयरपोर्ट को एयरपोर्ट का सर्वे करते हुए कार्ययोजना तैयार कर एयरपोर्ट का सौंदर्यीकरण, भव्य व आर्कषक बनाने के निर्देश दिए। साथ ही आवश्यकता अनुसार एयरपोर्ट में मरम्मत, रंग रोगन व प्रसाधन की बेहतर व्यव्यस्था करने के भी निर्देश दिए। इसके साथ ही सुरक्षात्मक दृष्टि से हेंगर, लॉन्ज व अन्य स्थलों पर सीसीटीवी स्थापित करने को भी कहा।
हॉस्पिटल्स रहेंगे हाई अलर्ट पर
मुख्य सचिव ने मण्डलायुक्त को सम्मेलन में आने वाले आंगनतुकों हेतु लाइजनिंग अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने एयरपोर्ट सहित, डेलीगेट्स की एयरपोर्ट से रामनगर तक की यात्रा के दौरान एम्बुलेंस व रामनगर में डाॅक्टर्स व विशेषज्ञों की टीम भी तैनात रखने के निर्देश दिए। साथ ही आसपास के चिकित्सालयों को भी हाई अलर्ट पर रखने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिये। इसके अलावा पुलिस प्रशासन को सटीक मूवमेंट , ट्रैफिक प्लान तैयार करने को कहा।
जी 20 समिट के दौरान विदेशी डेलीगेट्स को राज्य की संस्कृति की झलक दिखाई जायगी
मुख्य सचिव ने निदेशक संस्कृति विभाग को राज्य की संस्कृति की झलक से विदेशी डेलीगेट्स को रूबरू कराने के निर्देश दिए। कहा रामनगर में आयोजित होने वाली जी 20 समिट के माध्यम से हम अपने उत्तराखंड राज्य की वादियों के साथ ही संस्कृति (नृत्य,गान, परिवेश) से डेलीगेट्स को रूबरू कराएंगे। इससे राज्य को अपनी एक विशिष्ट पहचान मिलेगी। इसके लिए निदेशक संस्कृति विभाग को कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
पंतनगर से रामनगर तक किया स्थलीय निरीक्षण
मुख्य सचिव ने पन्तनगर एयरपोर्ट से रूद्रपुर-दोराहा-बाजपुर गडप्पू-रामनगर मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान एनएच के अभियंताओं को सड़कों की व्यवस्था में सुधार हेतु निर्देशित किया। इसके साथ ही सड़कों पर साइनेज, आवश्यकतानुसार सुरक्षात्मक उपाय , सड़कों पर सही मार्किंग करने, डिवाइडर्स पेंट कराने, दूरी सूचक पत्थरों माइलस्टोनको सही कराने,आवश्यकता अनुसार मरमम्त व निर्माण कार्य कराने एवं रोड को चकाचक बनाने के निर्देश दिये।
जी 20 समिट का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए
मुख्य सचिव ने जी 20 समिट के व्यापक प्रचार प्रसार के निर्देश सम्बन्धित जिलाधिकारी को दिए। कहा कि प्रत्येक20 किलोमीटर की दूरी पर होर्डिंग, बैनर व अन्य आउटडोर एक्टिविटी के माध्यम से समिट का व्यापक प्रचार किया जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बागेश्वर जिले की कविता देवी तथा देहरादून जिले की निकिता चौहान को भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान 2023 के लिए चयनित होने पर बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारे राज्य की महिला सरपंचों को यह सम्मान मिलना प्रदेशवासियों विशेषकर यहाँ की महिलाओं के लिए गौरव का विषय है।
उत्तराखण्ड की दो महिला सरपंचों को स्वचछ सुजल शक्ति सम्मान के लिए चयनित होने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी बधाई।
यह सम्मान उत्तराखण्ड में जमीनी स्तर पर महिला नेतृत्व के असाधारण योगदान का सम्मान है। यह सम्मान उन सभी लोगों को प्रेरित करेगा जो अपने गांवों को स्वच्छ बनाने तथा गांवों में जल संरक्षण के लिए कार्य कर रहे हैं। गांवों को स्वच्छ बनाने, ओडीएफ प्लस मॉडल गांवो के निर्माण, हर घर जल मिशन व जल संरक्षण में ग्राम प्रधानों एवं सरपंचों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उत्तराखण्ड में महिला ग्राम प्रधान, महिला सरपंच, महिला स्वच्छाग्रही, महिला स्वयं सहायता समूह, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री बहनें धरातल स्तर पर अपनी प्रभावी नेतृत्व क्षमता और कुशल प्रबन्धन के माध्यम से राज्य के विकास में असाधारण योगदान दे रही हैं।
बागेश्वर की कविता देवी तथा देहरादून की निकिता चौहान को 04 मार्च को नई दिल्ली में राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित। यह सम्मान उत्तराखण्ड में जमीनी स्तर पर महिला नेतृत्व के असाधारण योगदान का सम्मान है
केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान के तहत 04 मार्च से अर्न्तराष्ट्रीय महिला दिवस सप्ताह मनाया जाएगा। इस वर्ष उत्तराखण्ड की दो महिलाओं का चयन भी स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान 2023 के लिए हुआ है। 04 मार्च को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू तथा केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत इन्हें सम्मानित करेंगे। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा जनपद बागेश्वर से सरपंच कविता देवी तथा देहरादून जिले से सरपंच निकिता चौहान को अपने गांवो को ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) प्लस मॉडल बनाने की दिशा में उत्कृष्ट कार्य तथा असाधारण योगदान देने हेतु स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान 2023 के लिए चयनित किया गया है।
विभागों द्वारा लक्ष्य के सापेक्ष अधिक से अधिक राजस्व प्राप्ति के प्रयास किये जाएं। विभिन्न विभागों एवं राजस्व बढ़ाने के लिए अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिस का भी गहनता से अध्ययन किया जाए। जिन विभागों का लक्ष्य के हिसाब से राजस्व प्राप्ति कम है, इसके कारणों का गहनता से अध्ययन किया जाए, जहां पॉलिसी में सुधार की आवश्यकता है, वो करवाई जाए। ये निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में राजस्व प्राप्ति की स्थिति की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को दिये।
अगले साल के लिए पहले लक्ष्य तय कर लें, फिर बनाए रणनीति
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि अगले वित्तीय वर्ष के लिए अप्रैल में राजस्व लक्ष्य प्राप्ति के सबंध में बैठक की जायेगी। जिसमें सभी विभाग लक्ष्य प्राप्ति के लिए अपनी पूरी योजना बतायेंगे। जिन विभागों का अभी लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व प्राप्ति कम है, मुख्यमंत्री ने उन विभागों के सचिवों को निर्देश दिये कि इस वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक इसको अधिक से अधिक बढ़ाने के प्रयास किये जाएं।
कई विभागों में बढ़ाया जा सकता है राजस्व
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि ऊर्जा, खनन एवं वन विभाग में राजस्व प्राप्ति बढ़ाने के लिए विभागों को विशेष प्रयासों की जरूरत है। विभागीय सचिव राजस्व बढ़ाने के लिए इसकी नियमित समीक्षा करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व प्राप्ति को बढ़ाने के लिए विभागों को ऑनलाईन सिस्टम पर अधिक ध्यान देना होगा। ऑनलाईन व्यवस्थाओं से जहां सबको कार्य करने में सुविधा होती है, वहीं सिस्टम पारदर्शी भी होता है। आधुनिक तकनीक के प्रयोग पर अधिक ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व प्राप्ति में कठिनाई आ रही है, इन समस्याओं के समाधान के लिए विभागीय सचिवों को ही रास्ता निकालना है। किसी भी समस्या के समाधान के लिए जब पूरा विश्लेषण होता है तो उसका समाधान अवश्य निकलता है। बैठक में जानकारी दी गई कि राजस्व प्राप्ति के मुख्य स्रोत में एसजीएसटी, नोन-जीएसटी, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन फीस,परिवहन, स्टेट एक्साइज ड्यूटी में लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व प्राप्ति की स्थिति अच्छी है। ऊर्जा, वन एवं खनन में लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व प्राप्ति में और प्रयासों की जरूरत है।