Home Blog Page 12

उत्तराखंड की राजनीति में सुब्रमण्यम स्वामी की Entry

“सुब्रमण्यम स्वामी ने हरिद्वार में बर्खास्त कार्मिकों के पक्ष में की प्रेस वार्ता. स्वामी ने कहा विधानसभा से कर्मियों को बर्खास्त करना भारतीय संविधान के आर्टिकल 14 का उल्लंघन.”

संविधान के आर्टिकल 14 का उल्लंघन हुआ: स्वामी

पूर्व कानून मंत्री व बीजेपी के सांसद वरिष्ठ नेता डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी ने हरिद्वार में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान विधानसभा के 228 कर्मियों को बर्खास्त करने के फैसले को गलत करार देते हुए आर्टिकल 14 का उल्लंघन बताया और सीएम से कर्मियों को बहाल करने की मांग की। साथ ही सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को ले जाने की बात भी कही। रविवार को हरिद्वार स्थित अटल बिहारी राज्य अतिथि गृह में पत्रकारों से वार्ता के दौरान सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि उत्तराखंड विधानसभा में कर्मियों को नियुक्त कर 2001 से 2015 तक नियमित कर दिया गया, लेकिन इसके बाद 2016 से भर्ती हुए सभी की छुट्टी करने की शुरुआत कर दी।

“स्वामी ने कहा कि नियुक्ति को अवैध बताने के बाद भी बचाया गया, जबकि कुछ को अवैध करार कर बर्खास्त भी कर दिया गया। यह कार्यवाही कहीं से भी उचित नहीं लगती है।”

सुप्रीम कोर्ट में ले जायेंगे मामले को

सुब्रमण्यम स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को ले जाने की बात भी कही। कहा कि विधानसभा सचिवालय में नियुक्त 2001 से 2015 तक कार्मिकों को सबको नियमित कर दिया, लेकिन बिना कारण 2016 के बाद के कर्मियों को बर्खास्त करना भारतीय संविधान के आर्टिकल 14 का उल्लंघन है। कहा कि अभी ये मामला सुप्रीम कोर्ट में नहीं पहुंचा है। इसे सुप्रीम कोर्ट में ले जाने की रणनीति बनाएंगे, लेकिन आशा करता हूं कि सीएम खुद ही जैसे 2001 से 2015 तक के कर्मियों को नियमित किया, इन्हें भी बहाल कर नियमित करने का फैसला लें। वरना कोर्ट में ये (सरकार) हारेगी, विश्वास के साथ कहता हूं। कहा, आज तक जो भी केस मैंने लड़े सभी में जीत मिली है। अब 288 कर्मचारियों को उज्जवल करने के लिए कदम उठाएंगे, जब तक ऐसा नहीं होगा, तब तक इस मामले को बिल्कुल भी छोड़ेंगे नहीं।

स्वामी ने CM धामी को पत्र लिखकर पहले ही सचेत कर दिया है

गौरतलब है कि सुब्रमण्यम स्वामी बर्खास्त कर्मियों को लेकर कुछ दिन पहले सीएम धामी को पत्र लिख चुके हैं। कहा, एक ही संस्थान में एक ही प्रक्रिया से नियुक्ति पाने वाले कार्मिकों की वैधता में दो अलग-अलग निर्णय कैसे हो सकते हैं। कुछ लोगों की नियुक्ति को अवैध बताने के बाद भी बचाया गया, जबकि कुछ को अवैध करार कर बर्खास्त भी कर दिया गया। यह कार्यवाही कहीं से भी उचित नहीं लगती है

ये गरीबों और पिछड़ों की सरकार है, OBC सम्मेलन में बोले सीएम धामी

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को हरिद्वार में आयोजित ओबीसी मोर्चे के प्रबुद्धजन सम्मेलन को सम्बोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी ने अगर सच्चे मन से ओबीसी समाज के उत्थान का कार्य किया है तो वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शपथ लेने के बाद कहा था कि उनकी सरकार गरीबों व पिछड़ों को समर्पित सरकार है, अपने अद्वितीय कार्यों द्वारा उन्होंने अपने इस संकल्प को चरितार्थ किया है।

हमारी सरकार लगातार काम कर रही है

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी की प्रेरेणा से हमारी सरकार भी लगातर प्रदेश की जनता की सेवा में लगी है। आज, चाहे जन धन योजना हो, आवास योजना हो, आयुष्मान भारत योजना हो, उज्जवला योजना हो, किसान सम्मान निधि हो या फिर 80 करोड़ लोगों को राशन देने का कार्य हो मोदी सरकार ने हर योजना को गरीबों और पिछड़ों को समर्पित किया है। प्रधानमंत्री मोदी की परिकल्पना है कि ओबीसी समाज राष्ट्र की मुख्यधारा में स्थापित हो। देश में इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर डिजिटल इंडिया तक विश्वस्तरीय कार्य हो रहा है और देश में निवेश लाने के लिए हाईवे, एयरपोर्ट और पोर्ट की संख्या 2014 के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा हो चुकी हैं।

ओबीसी समाज हमारे साथ है

एक ओर हमारी डबल इंजन सरकार प्रदेश विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि ओबीसी समाज जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए हमारे साथ खड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री द्वारा देश के विकास के लिए दिए गए मंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास“ को लेकर निरंतर कार्य कर रही है। विकास में सभी की भागीदारी होना अत्यंत आवश्यक है। तथा सभी को अपनी क्षमता के अनुसार देश के विकास में योगदान करने का मौका मिले, चाहे वह पिछड़े समाज का हो, दलित समाज का हो, आदिवासी समाज का हो या सवर्ण समाज का हो।  मुख्यमंत्री ने कहा कि 1955 में कालेलकर कमीशन ने अपनी एक सिफारिश में कहा कि ओबीसी कमीशन को एक संवैधानिक मान्यता दी जाए। तब से न जाने कितनी सरकारें आई। ओबीसी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफल प्रयासों से ही न्याय मिला। उन्होंने कहा कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने अंत्योदय का नारा दिया है तथा अंत्योदय भाव से गरीबों के कल्याण का कार्य कर रही है।

राज्य सरकार दे रही है सुविधा

प्रदेश सरकार ने 1.76 लाख अन्त्योदय कार्डधारको को तीन सिलेंडर मुफ्त देकर अपने संकल्प को पूरा किया है। मुख्यमंत्री ने ओबीसी समाज के सभी प्रतिनिधियों से अपील की कि वे केंद्र व प्रदेश सरकार के अच्छे कार्यों की जानकारी जनता को देने का भी कार्य करें।     

समान नागरिक सुविधा और कड़े कानून बना रही है सरकार

 मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की जनता से किये गये अपने वायदो के अनुरूप प्रदेश में बिना किसी तुष्टिकरण के सबका साथ सबका विश्वास और सबके प्रयास की भावना को साकार करने तथा धर्म, संस्कृति, आध्यात्म, शौय एवं सामरिक महत्व वाले गंगा के प्रदेश, देवभूमि उत्तराखण्ड के सभी संप्रदायों के हित में समान नागरिक संहिता कानून बनाये जाने के लिये कृत संकल्पित है।   मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के कई क्षेत्रों में घटित हो रही धर्मांतरण की घटनाओं को प्रभावी ढंग से रोकने के लिये प्रदेश में सख्त धर्मांतरण कानून बनाया है। हमारे शांत प्रदेश में इस प्रकार की जबरन धर्मांतरण की घटनायें घटित न हों इसके लिये यह कानून लाया गया है।   मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर संवेदनशील है।

नकल माफिया को डालेंगे जेल

उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के स्तर पर भर्ती परीक्षाओं में जिन लोगों ने भी नकल कराई है, उनके खिलाफ कड़ा एक्शन तत्काल लिया गया है साथ ही प्रदेश में वर्ष 2014 व 15 से भर्ती घोटाले चल रहे थे। हमेशा जांच की बात होती थी लेकिन जांच नहीं होती थी। हमने युवाओं के हित में भर्ती घोटालों की प्रारंभिक जांच कराने का दूरदर्शी निर्णय लिया। इसमें अबतक 60 लोगों को जेल भेजा जा चुका है।   मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश में निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से भर्ती परीक्षाएं आयोजित की जाए। इसी उद्देश्य से उत्तराखण्ड में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून बनाया गया है। इतना सख्त कानून बनाने का उद्देश्य है कि राज्य के युवाओं का भविष्य उज्ज्वल रहे। युवाओं को अपनी मेरिट के आधार पर नौकरी मिलें। देश में इतना सख्त कानून किसी भी अन्य राज्य में नही है। अब जो कोई भी भर्ती परीक्षा में गड़बड़ करेगा, उसे उम्र कैद और 10 साल की सजा दी जाएगी। साथ ही संपत्ति भी जब्त कर ली जाएगी। मुख्यमंत्री ने  कहा कि हम उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए अपने विकल्प रहित संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं और इस संकल्प को पूरा करने के लिए हमें आप सबके साथ की जरूरत है।

टिहरी से सीएम धामी के निर्देश

जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए अधिकारी गांवों में जाकर चौपाल लगायें। समय-समय पर अधिकारियां रात्रि चौपाल लगाकर जन समस्याओं को सुनें और उनका मौके पर निदान करें। तहसील दिवसों का रोस्टर बनाकर नियमित आयोजन किया जाए। सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं का आम जन को लाभ मिले, इसके लिए प्रक्रियाओं के सरलीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए। कलक्ट्रेट सभागार टिहरी में जनपद के अधिकारियों की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिये।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि टिहरी जनपद में जी-20 की जिन दो बैठकों का आयोजन होना है। उस दौरान हम अपनी सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने, जनपद के धार्मिक एवं पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों एवं विशिष्ट कार्यों में से क्या प्रस्तुतीकरण दे सकते हैं, इसकी पूरी तैयारी की जाए।

2025 तक देवभूमि उत्तराखण्ड को ड्रग्स फ्री बनाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को वैश्विक पटल पर लाने का यह हमारे पास सुनहरा मौका है। अपने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए यह अच्छा अवसर है। लोकल टू ग्लोबल की दिशा में हम क्या कर सकते है, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि 2025 तक देवभूमि उत्तराखण्ड को ड्रग्स फ्री बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि इसके लिए जनपद स्तर पर व्यापक स्तर पर जन जागरूकता अभियान चलाया जाए। युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए लगातार जागरूकता कार्यक्रम किये जाए।

क्षय रोग से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया

2024 तक राज्य को क्षय रोग से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि, सड़कों की खराब स्थिति पर जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कारवाई की जायेगी।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर जनपद टिहरी के आदि शक्ति धाम मोमेंटो का अनावरण किया। मिशन शतक के तहत मुख्यमंत्री ने मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

कई योजनाओं को किया शुरू

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद के 61 अमृत सरोवरों का शुभारंभ, 392 लखपती दीदी को मनरेगा के माध्यम से व्यक्तिगत परिसम्पत्ति निर्माण कार्य का शुभारंभ, 100 न्यूट्री गार्डन का शुभारंभ, 62 आंगनबाड़ी भवनों का शुभारंभ, जनपद के अन्तर्गत गोट वैली योजना का शुभारंभ, 100 लाभार्थियों को पॉली हाऊस का ऑनलाईन वितरण, जनपद के अन्तर्गत यूकेसीडीपी के अन्तर्गत पोल्ट्री वैली योजना का शुभारंभ, 25 ब्रायलर फार्म का शुभारंभ वर्चुअल माध्यम से किया गया। जनपद के 09 विकासखण्डों में प्रत्येक में एक-एक स्मार्ट विलेज की बनाने की योजना का भी मुख्यमंत्री द्वारा शुभारंभ किया गया।

टिहरी में बनेगा मेडिकल कॉलेज

जिलाधिकारी टिहरी डॉ. सौरभ गहरवार ने जी-20 की तैयारियों को लेकर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि टिहरी में मेडिकल कॉलेज के लिए भूमि के जो प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, उनको शासन को भेजा जायेगा। उन्होंने कहा कि लोगों की आजीविका को बढ़ाने के लिए विभिन्न विभागों के माध्यम से लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। जनपद में क्षय रोगियों को इस रोग से मुक्त करने के लिए जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को निक्षय मित्र बनाया गया है। मुख्य विकास अधिकारी श्री मनीष कुमार ने जनपद में हो रहे विभिन्न विकास कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा जनपद में 84 अमृत सरोवर बनाये जा चुके हैं। 61 और अमृत सरोवर बनाये जा रहे हैं। जो जनपद को लक्ष्य मिला था, उससे अधिक अमृत सरोवर बनाये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि कृषि एवं उद्यान को बढ़ावा देने के लिए जनपद में अनेक कार्य हो रहे हैं।

बैठक में सांसद टिहरी गढ़वाल श्रीमती मालाराज्य लक्ष्मी शाह, जिला पंचायत अध्यक्ष टिहरी श्रीमती सोना सजवाण, विधायक टिहरी श्री किशोर उपाध्याय, धनोल्टी श्री प्रीतम सिंह पंवार, देवप्रयाग श्री विनोद कंडारी, घनसाली श्री शक्तिलाल शाह, प्रदेश महामंत्री भाजपा श्री आदित्य कोठारी, जिलाध्यक्ष भाजपा श्री राजेश नौटियाल, ब्लॉक प्रमुख जाखणीधार श्रमती सुनीता देवी, चंबा श्रीमती शिवानी बिष्ट वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री नवनीत सिंह भुल्लर, अपर जिलाधिकारी श्री रामजी शरण शर्मा, डीडीओ श्री सुनील कुमार, सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

Uttarakhand के CM पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को दिए नए निर्देश

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों के लिए नई दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। अब उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले अधिकारियों को थोड़ा सतर्क होना होगा। राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार दौरा कर रहे हैं, और वहां स्थानीय लोगों की समस्याओं का समाधान कैसे हो इसके लिए योजना बनाई जा रही है ।इसी संदर्भ में मुख्यमंत्री ने राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में निवास कर रहे निवासियों की समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को भी कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हाल फिलहाल में ही पौड़ी गढ़वाल के दौरे पर गए थे। जहां उन्हें स्थानीय लोगों ने बताया कि अधिकारीगण शुक्रवार दोपहर में ही जिला छोड़ देते हैं और उसके बाद मंगलवार तक यह लोग नजर नहीं आते। इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून लौटते ही मुख्य सचिव डॉ एसएस संधू और सचिव से इस बारे में जानकारी मांगी। मुख्य सचिव ने पौड़ी गढ़वाल की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री के निर्देश स्पष्ट रूप से अधिकारियों के सामने रख दिए हैं।

मुख्यसचिव ने दिए अधिकारियों को निर्देश

मुख्य सचिव ने निर्देशित किया है कि कोई भी अधिकारी बिना वजह जिला मुख्यालय ना छोड़े और बिना किसी कारण देहरादून ना आए। मुख्य सचिव ने इसके लिए जिला अधिकारी को भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वह ऐसे अधिकारियों की लिस्ट जरूर बनाएं जो लगातार मुख्यालय छोड़ रहे हैं।

हरीश रावत ने भी लगाम लगाने की कोशिश की थी

वैसे आपको बता दें कि इससे पहले हरीश रावत जिस समय मुख्यमंत्री थे उन्होंने भी इसी तरीके के निर्देश अपने अधिकारियों के लिए जारी किए थे। उन्होंने व्यवस्था बनाई थी कि शनिवार को शाम 4:00 बजे और सोमवार सुबह 10:00 बजे अधिकारियों की हाजिरी उनके तैनाती स्थल पर अनिवार्य रूप से चेक की जाएगी। कुछ दिनों तक तो यह परंपरा चली लेकिन उसके बाद सब कुछ पहले जैसा ही होने लगा। अब देखना यह है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के बाद व्यवस्था में कितना बदलाव आता है

चारधाम यात्रा की तैयारी शुरू

केदारनाथ धाम यात्रा के सफल संचालन हेतु की जा रही तैयारियों एवं व्यवस्थाओं के संबंध में अध्यक्ष श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अजेंद्र अजय की अध्यक्षता में जिला कार्यालय एनआईसी कक्ष में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक में तैयारियों की समीक्षा की गईं।अध्यक्ष बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि श्री केदारनाथ धाम के कपाट 25 अप्रैल, 2023 को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यात्रा को सुव्यवस्थित एवं सफल संचालन हेतु 15 अप्रैल, 2023 तक आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि केदारनाथ यात्रा मार्ग में बर्फ हटाने का कार्य त्वरित गति से शुरू किया जाए तथा जो भी मार्ग क्षतिग्रस्त हैं उनका भी मरम्मत कार्य शीघ्रता से पूर्ण किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं को संपादित करने हेतु तैनात किए जाने वाले सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाए ताकि यात्रा व्यवस्थाओं को संचालित करने में किसी प्रकार की काई परेशानी न हो।

यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था के लिए उचित पार्किंग एवं यातायात प्लान तैयार किया जाए तथा सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किए जाने वाले पुलिस कर्मियों को उचित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए एवं केदारनाथ धाम सहित यात्रा मार्ग में उचित स्वास्थ्य सुविधाएं, साफ-सफाई व्यवस्था, पर्याप्त शौचालयों की व्यवस्था तथा संचालित होने वाले घोड़े-खच्चरों के लिए उचित पानी की व्यवस्था एवं यात्रा मार्ग में विद्युत व्यवस्था आदि सभी व्यवस्थाओं को दुरस्त रखने के निर्देश दिए गए।

बैठक में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अवगत कराया है कि केदारनाथ यात्रा के सफल संचालन के लिए तैनात किए गए अधिकारियों एवं कार्मिकों को उचित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है तथा उन्हें सौंपे गए दायित्वों एवं कार्यों के बारे में पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है ताकि यात्रा व्यवस्था में किसी प्रकार की कोई समस्या न आने पाए। उन्होंने कहा कि यात्रा की सफलता के लिए जो भी तैयारियां एवं व्यवस्थाएं जिस स्तर से की जानी हैं सभी को आवश्यक निर्देश देते हुए सभी विभागों द्वारा अपनी-अपनी तैयारियां पूर्ण की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि केदारनाथ यात्रा मार्ग को सुचारू करने के लिए बर्फ हटवाने का कार्य कल से ही शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं तथा यात्रा मार्ग में जिन स्थानों में वर्तमान में बर्फ नहीं है उस क्षेत्र के क्षतिग्रस्त मार्ग को ठीक कराने के निर्देश डीडीएमए को दिए गए हैं। उन्होेंने यह भी अवगत कराया है कि यात्रा मार्ग में घोड़े-खच्चरों के साथ किसी प्रकार की कोई क्रूरता न हो तथा बीमार व कमजोर घोड़े-खच्चरों का किसी भी दशा में संचालन न किया जाए इसकी निगरानी के लिए 20 पीआरडी जवानों की तैनाती की गई है जिन्हें उचित प्रशिक्षण उपलब्ध कराते हुए यात्रा मार्ग में घोड़े-खच्चरों की निगरानी के लिए विभिन्न यात्रा पड़ावों में तैनात किए जाएंगे।

l

Cabinet Meeting- गैरसैण में होगा बजट सत्र

मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 52 निर्णय लिए गए. आपदा प्रबन्धन एवं पुनर्वास विभाग के अंतर्गत जोशीमठ क्षेत्र के आपदा प्रभावित परिवारों / व्यक्तियों की भूमि तथा भवनों के मुआवजे तथा विस्थापन के सम्बन्ध में प्रस्तावित नीति को कैबिनेट ने किया अनुमोदित।

रेरा के ढांचे में कुल 31 पद सृजित किए गए हैं।-नकल रोधी कानून को कैबिनेट ने प्रदान किया अनुमोदन।13 से 18 मार्च 2023 तक गैरसैंण भराड़ीसैंण में होगा विधानसभा सत्र।-दिव्यांगजन बच्चों की शिक्षा के लिए स्कूल खोले जाने को लेकर देहरादून जनपद के पुरकुल क्षेत्र में कुल 3000 वर्ग मीटर सरकारी भूमि दिए जाने को मंजूरी।

मसूरी में लोनिवि गेस्ट हाउस में मल्टी स्टोरी पार्किंग को 15 मीटर ऊंचाई तक कि शिथिलता प्रदान की गयी, 400 वाहनों की पार्किंग का होगा निर्माण।

ऋषिकेश एम्स की एक ब्रांच किच्छा में खोली जानी है। इसके दृष्टिगत एम्स की एक किमी की परिधि में मास्टर प्लान बनेगा। अगले 3 महीने में मास्टर प्लान होगा तैयार। तब तक इस क्षेत्र में नए निर्माण पर रोक।

राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सहसपुर को स्किल हब बनाया जाएगा।-राज्य की खेल नीति में विद्यमान सीएम खेल विकास निधि से खिलाड़ियों को धन आवंटित करने हेतु मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 6 सदस्य समिति गठित की गई।

वर्ष 2023 हेतु राज्य की स्टार्ट अप नीति तय की गई है।

Msme के तहत निजी क्षेत्र में औद्योगिक संस्थानों की स्थापना की जाएगी। प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को प्रमोट करने के लिए नीति लाने को मंजूरी।

सिविल कोर्ट परिसर खटीमा में अधिवक्ताओं को 90 साल के लिए लीज बेस्ड चैम्बर के लिए स्थान दिया जाएगा।

सिंगल यूज प्लास्टिक बैन के मद्देनजर भारत सरकार की नीति को अपनाने को मंजूरी।

आयुर्वेदिक महाविद्यालयों के प्राचार्य की सेवानिवृत्त आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष की गई।

समेकित सहकारी विकास परियोजना और गंगा डेरी योजना में अब 2 दुधारू पशु भी लिए जा सकेंगे। पहले कम से कम 5 पशु क्रय करने का था प्रावधान।

स्कूल एजुकेशन के तहत दिव्यांग बच्चों को घरों में पढ़ाने के लिए 285 स्पेशल टीचर रखे जाएंगे। -अर्थ एवं संख्या विभाग में अपर निदेशक के पद के सृजन को मंजूरी।

देहरादून में मेट्रो नियो के लिए सरकारी विभाग की जमीन की आवश्यकता पड़ने पर विभाग 1 रुपये में 99 साल की लीज प्रदान करेगा।-उत्तराखंड परिवहन निगम कुल 30 करोड़ की लागत से 100 बस खरीदेगा। इस ऋण पर ब्याज का वहन राज्य सरकार करेगी।

रवाई-जौनपुर संस्कृति जनकल्याण समिति को राज्य सरकार भवन निर्माण के लिए निःशुल्क देगी जमीन।

कृषि एवं कृषि कल्याण विभाग के स्टेट मिलेट मिशन को मंजूरी। पीडीएस के माध्यम से अंत्योदय परिवारों को दिया जाएगा एक किलो मंडुआ एवं मध्यान्ह भोजन योजना में अब झंगोरा और मंडुआ भी दिया जाएगा। श्रम विभाग के अंतर्गत यदि कोई पंजीकरण के लिए आवेदन करता है, अगर 20 दिन में पंजीकरण नहीं होता है और विभाग कोई आपत्ति भी नहीं लगाता है, तो इसे स्वतः पंजीयन माना जाएगा।

राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वन क्षेत्र में भी ईको टूरिज्म को बढ़ाया जाएगा। इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई।

ग्राम विकास विभाग के अंतर्गत सेल्फ हेल्प ग्रुप के माध्यम से बन रहे उत्पादों की मार्केटिंग को बढ़ाने के लिए एक राज्य स्तरीय संस्थान बनाने का निर्णय।

हरिद्वार में पीआरटी सिस्टम को कैबिनेट ने दी मंजूरी। डीपीआर बनकर हो चुकी है तैयार।-राजस्व विभाग का कंप्यूटरीकृरण होने के बाद अब नियमावली को भी उसी हिसाब से संशोधित किया जाएगा।

उद्योगों को आकर्षित करने के लिए लघु एवं सुक्ष्म उद्योग विभाग ने तैयार की कस्टमाइज पैकेज की नीति। 200 करोड़ से ज्यादा के निवेश और 500 लोगों को रोजगार देने पर मिलेगा लाभ।

सितारगंज चीनी मिल को अगले 30 साल के लिए लीज पर दिया जाएगा।

उद्योग विभाग के अंतर्गत जिला खनिज न्यास राशि अब भारत सरकार के नियमों के अनुसार 25 प्रतिशत के स्थान पर 15 प्रतिशत की गई। कैबिनेट ने अनुमोदन दिया।

पीएम पोषण योजना में कक्षा एक से आठ तक के छात्रों को पहले केवल एक दिन फोर्टीफाईड दूध दिया जाता था। अब यह 2 दिन दिया जाएगा।-सिंगल यूज़ प्लास्टिक की जो यूनिटें हाल में बंद हुई अगर वैकल्पिक उत्पाद बनाते हैं तो उन्हें बेनिफिट दिया जाएगा।

वित्त विभाग के अंतर्गत तीन वर्ष बाद सर्किल रेट का किया गया रिविजन। कुछ क्षेत्रों में सर्किल रेट कम किये गए हैं तो कई जगह वृद्धि की गई है। जल्द नए सर्किल रेट लागू किये जायेंगे।

परिवहन विभाग के अंतर्गत मंत्रियों अधिकारियों के नए वाहन क्रय करने को लेकर मार्केट रेट देखते हुए दरों में वृद्धि की गई ।

राजस्व विभाग के अंतर्गत तहसील सितारगंज में 41 एकड़ में इंटीग्रेटेड acqua पार्क बनाया जाएगा। यह भूमि राजस्व विभाग , मत्स्य को देगा।

कौशल विकास विभाग, आधुनिक लेटेस्ट ट्रेड के हिसाब से नए एक्सपर्ट हायर करेगा-Ujvnl का वार्षिक प्रतिवेदन को विधान सभा में रखा जाएगा-युवा कल्याण विभाग की नीति में संशोधन को मंजूरी।

राज्य में एसडीएम के 26 नए पद सृजित किए जाने को मंजूरी।-नागरिक उड्डयन विभाग के अंतर्गत नैनी सेनी एयरपोर्ट का संचालन वायु सेना करेगी।-भारत सरकार के उपक्रम बेसिल को इमपैनल करने को मंजूरी।-हाई अल्टीट्यूट खेलों के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित होंगे-पर्वतारोहण के लिए इनर लाइन परमिट को ऑनलाइन किया जाएगा ।-पर्यटन विभाग के माध्यम से Gmvn और kmvn का होगा विलय।-कम्युनिटी रेडियो को हर जगह विकसित किया जाएगा।-नैनीताल की मॉल रोड की तर्ज पर अल्मोड़ा के पटाल बाजार को विकसित किया जाएगा।-शहरी क्षेत्र में पार्क, सड़क, दुकान को स्थानीय या पहाड़ी शैली में विकसित किया जाएगा-देहरादून की तर्ज पर दूसरे शहरों में गो-डाउन आदि शहर से बाहर किए जाएंगे शिफ्ट।-जिला योजना में अब 3 लाख से कम के काम नहीं लिए जाएंगे-एक्सीडेंटल डेथ को रोकने के लिए सड़कों पर क्रैश बैरियर लगाए जाएंगे।-वन विभाग रोजगार सृजन की योजना बनाएगा।-4 व्हीलर के साथ 2 व्हीलर एम्बुलेंस भी प्रोत्साहित की जाएगी।-नेपाल से लगे सीमांत क्षेत्र गूंजी में उपतहसील बनेगी।दिनांक 16-17 दिसम्बर, 2022 को आयोजित एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस (AOC) के महत्वपूर्ण बिन्दु मा0 मंत्रीपरिषद् के विचारार्थ / अनुमोदनार्थ प्रस्तुत किए गए।

अस्पताल की लापरवाही पर जांच शुरू

उत्तराखंड में सरकारी अस्पताल का एक और कारनामा सामने आया है। डॉक्टर की लापरवाही की जांच के आदेश सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने दे दिए हैं । मामला सीमांत जनपद उत्तरकाशी के बड़कोट क्षेत्र का है बड़कोट चार धाम यात्रा में से एक यमुनोत्री धाम का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। खबर है कि बड़कोट के चपताड़ी क्षेत्र की एक महिला अपने पति उपेंद्र लाल के साथ प्रसव कराने के लिए बड़कोट सामुदायिक अस्पताल पहुंची थी । लेकिन अस्पताल प्रशासन ने उसे भर्ती नहीं किया।

अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं थी.अस्पताल से कुछ दूरी पर ही महिला का प्रसव हो गया.सचिव डॉ आर राजेश कुमार तक इस पूरे प्रकरण की खबर पहुंची इसके बाद डॉ आर राजेश कुमार ने इस पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं।

अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं थी और अस्पताल में परिवार को एक कंसेंट फॉर्म साइन करने के लिए कहा। अस्पताल का दावा है कि यह परिवार बिना कंसेंट फॉर्म साइन किए अस्पताल से बिना बताए चला गया। अस्पताल से कुछ दूरी पर ही महिला का प्रसव हो गया और उसे वापस अस्पताल में भर्ती किया गया। इस पूरे घटनाक्रम की अच्छी बात यही है कि मां और बच्चा दोनों स्वस्थ है।

मीडिया में इस खबर के आने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया । सचिव डॉ आर राजेश कुमार तक इस पूरे प्रकरण की खबर पहुंची इसके बाद डॉ आर राजेश कुमार ने इस पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं। सीएमओ से इस घटनाक्रम की पूरी रिपोर्ट तलब की है। महत्वपूर्ण बात यह है कि जहां सरकार पहाड़ में और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाए जाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है, वही इस प्रयास पर कुछ लापरवाह डॉक्टर्स के कारण पलीता लगता हुआ नजर आता है। बड़कोट चारधाम यात्रा मार्ग में यमुनोत्री धाम का महत्वपूर्ण पड़ाव है। अगले कुछ हफ्तों में यात्रा शुरू होने जा रही है। ऐसे में इतने महत्वपूर्ण क्षेत्र में ऐसी लापरवाही ने शासन के कान खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि अस्पताल प्रशासन अपने बचाव में क्या तर्क देता है और जांच रिपोर्ट कहती है कि जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई करता है।

पौड़ी में Morning Walk पर निकले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

गांव वासियों से की मुलाकात

पूर्व सैनिकों ने किए अनुभव साझा

सुबह ध्यान करते CM धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पौड़ी स्थित रावत गांव के होम स्टे में रात्रि विश्राम करने के बाद सोमवार सुबह रावत गाँव (चन्दोला राँई) का भ्रमण किया। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम वासियों से मुलाकात कर उनका हाल चाल जाना एवं गांव के विकास से संबंधित लोगों की राय ली। गांव में मौजूद पूर्व सैनिकों ने अपने अनुभवों को मुख्यमंत्री से साझा किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गांव में ही हमारे राज्य की आत्मा बसी है। ग्राम सभाओं के विकास से ही देश का विकास संभव है। हमारे गांव पुरातन संस्कृति के धरोहर हैं, इन्हें जीवित रखना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने गांव में पौधारोपण भी किया। मुख्यमंत्री श्री धामी ने इस अवसर पर योग एवं ध्यान भी किया।

मुख्यमंत्री ने की विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक

सरलीकरण, समाधान और निस्तारण पर विशेष फोकस करने के दिये निर्देश

      मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी द्वारा सोमवार को पौड़ी जनपद के विकास भवन सभागार में सभी विभागों के विकास कार्यों और कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने कार्यों को पारदर्शिता, तेजी से और दूरदृष्टिता को ध्यान में रखते हुए पूर्ण करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने उपस्थित अधिकारियों, प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों से व्यापक विचार-विमर्श करते हुए सबकी भागीदारी से विकास कार्यों के प्रस्ताव निर्मित करने और उन्हें क्रियान्वित करने की बात कही। उन्होंने पेयजल निगम और जल संस्थान को पेयजल योजनाओं की क्षमता और उसकी वस्तुस्थिति को एक बार पुनः चेक करने के निर्देश दिये ताकि आगामी गर्मी में पेयजल की किल्लत न होने पाए। उन्होंने वन विभाग को वन्य जीव हमले में मानव व पशुधन के मुआवजे का भुगतान स्वो मोटो प्रोसेस से करने के निर्देश दिये ताकि संबंधित प्रभावित को अनावश्यक भागदौड़ न करनी पड़े।

मुख्यमंत्री ने पुनः बनाये जा रहे राशन कार्ड को अच्छे तरीके से क्रास वैरिफाई करवाने तथा जो मानक के अनुरूप वास्तव में हकदार हैं उन्हीं के बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने आयुक्त गढ़वाल और जिलाधिकारी को सरकार की योजनाओं का लोगों को समुचित लाभ दिलाने, विकास कार्यो को तेज गति से व पारदर्शिता से क्रियान्वित करने तथा सार्वजनिक सेवाओं की जटिलता को आसान बनाने के निर्देश दिये। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जनपद की पर्यटन थीम पर आधारित पर्यटन कैलेंडर का विमोचन भी किया।

उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि पर्वतीय क्षेत्र हमारे प्रदेश के विकास में कैसे भागीदार बनें, हम इस पर गंभीरता से कार्य कर रहें है। साथ ही युवा, महिला, गरीब, वंचित का किस तरह से अधिक से अधिक भला हो, हम इस को प्राथमिकता में लेकर कार्य कर रहे हैं।

समीक्षा बैठक में जनपद पौड़ी शहर हेतु सीवरेज लाइन, पौड़ी शहर बाइपास, श्रीनगर नगर निगम सीवर विस्तार, जी.बी. पंत इंजीनियरिंग कॉलेज पंपिग योजना, ट्रैचिंग ग्राउण्ड, तिमली रोड़, लोअर चोपडा, वन ग्रामों में मूलभूम सुविधा विकास और रांसी स्टेडियम के समीप हैलीपैड निर्माण जैसी जनपद की प्रमुख चुनौतियों का प्रस्तुतीकरण किया गया।

इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान द्वारा लिविंग विद लेपर्ड प्रोग्राम, ट्राइडेन्ट पार्क देवप्रयाग, बिटल्स फैस्टिबल इन ऋषिकेश, पहाड़ी अंजीर (बेडु) इनीशिएटिव, युज ऑफ टेक्नोलॉजी गवर्नेंस एक्शन, बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर कोटद्वार, पैराग्लाइडिंग स्पोर्ट्स स्कूल बिलखेत, माउंटेन म्यूजियम, प्लैनेटेरियम एण्ड बंजी जपिंग, डिस्ट्रिक कलेक्ट्रेट, हैरिटेज बिल्डिंग और गंगा म्यूजियम जैसे इनोवेटिव कार्यो का भी प्रेजेन्टेशन दिया। साथ ही जिला सेक्टर और राज्य सेक्टर, केन्द्र पोषित एवं बाह्य सहायतित योजना का प्रेजेन्टेशन भी दिया गया व समीक्षा बैठक ली।

इस दौरान बैठक में कैबिनेट मंत्री डॉ0 धन सिंह सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष शांति देवी, स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी, विधायक यमकेश्वर रेणू बिष्ट सहित संबधित अधिकारी, जनप्रतिनिधि व कार्मिक उपिस्थत थे।

उत्तराखंड को मिले 06 नये पुलिस थाने, 20 चौकियां

राजस्व पुलिस व्यवस्था की जगह इन क्षेत्रों में की गई नियमित पुलिस की व्यवस्था

उत्तराखण्ड में 06 नये पुलिस थाने एवं 20 नई पुलिस चौकियां खेली गई हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय से इनका वर्चुअल उद्घाटन किया गया है। इन 06 थानों में 661 ग्राम एवं 20 चौकियों में 696 ग्राम शामिल हैं। ये क्षेत्र पहले राजस्व पुलिस के अधीन थे, अब इनमें नियमित पुलिस की व्यवस्था की गई है। जिन 06 नये पुलिस थानों का मुख्यमंत्री ने उद्घाटन किया उनमें पौड़ी में थाना यमकेश्वर, टिहरी में थाना छाम, चमोली में थाना घाट, नैनीताल में थाना खनस्यूॅ एवं अल्मोड़ा में थाना देघाट एवं धौलछीना शामिल हैं। जिन 20 नई चौकियों का मुख्यमंत्री ने उद्घाटन किया उनमें देहरादून में लाखामण्डल, पौड़ी में बीरोखाल, टिहरी में गजा, काण्डीखाल एवं चमियाला, चमोली में नौटी, नारायणबगड़ एवं उर्गम, रूद्रप्रयाग में चौपता एवं दुर्गाधार, उत्तरकाशी में सांकरी एवं धौंतरी, नैनीताल में औखलकाण्डा, धानाचूली, हेड़ाखाल एवं धारी, अल्मोड़ा में मजखाली, जागेश्वर एवं भौनखाल तथा चम्पावत में बाराकोट शामिल हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विकास एवं व्यवस्थाओं में परिवर्तन के साथ राज्य के जिन क्षेत्रों में राजस्व पुलिस की जगह पर नियमित पुलिस की आवश्यकता हो रही है, उनमें चरणबद्ध तरीके से नियमित पुलिस की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन से समृद्धि के मार्ग को प्रशस्त करने के लिए राज्य सरकार वचनबद्ध है। पुलिस व्यवस्था राज्य की कानून व्यवस्था का दर्पण होती है। सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को बनाने की पुलिस की बड़ी जिम्मेदारी होती है। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं को सुधारने की हमेशा गुंजाइश होती, इस दिशा में उत्तराखण्ड पुलिस को निरन्तर कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की यह भी बड़ी जिम्मेदारी है कि समाज के अच्छे लोगों का उन पर विश्वास बढ़े और आपराधिक पृष्ठभूमि के लोगों को पुलिस का डर भी हो। कानून व्यवस्था को मजबूत बनाये रखने की पुलिस पर बड़ी जिम्मेदारी होती है।

सचिवालय से मुख्यमंत्री ने किया वर्चुअल उद्घाटन

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस के अधिकारियों को अपने नियमित कार्यों के अलावा जनहित से जुड़े विषयों पर लगातार कार्य करना होगा। अपने कार्यों के साथ ही हम समाज सेवा के कार्य करते हैं, तो यह हमारे लिए उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि 2025 तक उत्तराखण्ड को ड्रग्स फ्री राज्य बनाने, स्वच्छता अभियान, एवं सामाजिक सरोकारों के अन्य कार्यों में भी उत्तराखण्ड पुलिस को लगातार कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल से पुलिस के प्रति लोगों का दृष्टिकोण बदला है। विपरीत परिस्थितियों में उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा समाज सेवा के लिए जो कार्य किये गये वह सराहनीय है। हमें आगे भी हर क्षेत्र में इसी मनोयोग से कार्य करना होगा।