मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में बेरोजगार संघ के प्रतिनिधियों ने भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि गत दिनों देहरादून में धरना प्रदर्शन के दौरान कुछ अभ्यर्थियों पर विभिन्न धाराओं के तहत करवाई चल रही है, उनको कल होने वाली लेखपाल भर्ती की लिखित परीक्षा की अनुमति दी जाए।
मुख्यमंत्री ने डीजीपी को निर्देश दिए हैं कि इन बच्चों को लेखपाल भर्ती की लिखित परीक्षा देने के लिए निर्धारित परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने और वहां से लाने की व्यवस्था की जाय।मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने के लिए राज्य में नकल विरोधी अध्यादेश लागू किया जा चुका है। भर्ती परीक्षाओं में तेजी लाई जा रहा है। राज्य के युवाओं को लगातार रोजगार के अवसर मिले, इसके लिए रिक्त पदों पर जल्द और विज्ञप्तियां निकाली जाएंगी। आगामी परीक्षाओं के लिए कैलेंडर जारी किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जो नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, उसमें गड़बड़ी करने वालों को सख्त सजा का प्राविधान किया गया है। उन्होंने सभी प्रदेश के युवाओं से अपील की है कि पूरी मेहनत से परीक्षा की तैयारी में जुट जाएं। बेरोजगार संघ के प्रतिनिधियों ने राज्य में सख्त नकल विरोधी अध्यादेश लागू किए जाने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
भर्ती परीक्षाओं के लिए कैलेंडर जारी किए जाने की पहल की भी उन्होंने सराहना की।इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, डीजीपी अशोक कुमार, सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, बेरोजगार संघ से निधि गोस्वामी, शैलेश सती, खजान राणा, श्री दीपक बेलवाल, श्री बृजमोहन जोशी, श्री सतपाल सिंह एवं श्री आलोक भट्ट मौजूद थे।
विपक्ष के साथ-साथ अब सत्तापक्ष ने भी पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 8 और 9 फरवरी को पुलिस की भूमिका के कारण ही पूरे राज्य में सरकार के खिलाफ एक माहौल तैयार हो गया । उत्तराखंड बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र प्रसाद भट्ट ने पुलिस की भूमिका की जांच की मांग की है।
अंदाजा लगाया जा रहा है संगठन और सरकार के विचार विमर्श के बाद ही जांच कमिश्नर स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है। उत्तराखंड में बेरोजगार युवक अपनी अलग-अलग मांगों को लेकर गांधी पार्क के बाहर धरने पर बैठे थे। 8 फरवरी की रात को पुलिस ने जोर जबरदस्ती से उन्हें उठा दिया।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद ही पूरे प्रदेश भर में बेरोजगार युवकों के संगठनों ने सरकार के खिलाफ अलग-अलग जगहों पर आंदोलन किया। इससे सरकार की छवि पर असर तो पढ़ा ही है साथ-साथ कई अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है । पहले विपक्ष ही पुलिस की भूमिका पर सवाल उठा रहा था। इस धरने प्रदर्शन के बीच में पत्थरबाजी की घटनाएं भी हुई है। पुलिस ने लाठी चार्ज करके स्थिति को नियंत्रण करने का दावा किया। लेकिन राजनीतिक रूप से पुलिस के इस फैसले से बीजेपी थोड़ा बैकफुट पर नजर आई है।
इसीलिए उत्तराखंड बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र प्रसाद भट्ट ने पुलिस की भूमिका की जांच की मांग की है । खबर है कि उत्तराखंड पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों की कार्यशैली से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी नाराज बताए जा रहे हैं। इसीलिए गढ़वाल के कमिश्नर सुशील कुमार को यह जांच सौंपी गई है। ताकि देहरादून जनपद के बड़े अधिकारियों के खिलाफ अगर कोई बात आए तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
उत्तराखंड बीजेपी के अध्यक्ष महेंद्र प्रसाद भट्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है। पुलिस ने पहले तो 8 फरवरी की रात को जबरन आंदोलन कर रहे युवाओं को उठाया और उसके बाद अगले दिन लाठीचार्ज कर दिया।
उत्तराखंड सरकार ने आंदोलन कर रहे बेरोजगार संघ के दबाव में सरकार ने युवकों की ज्यादातर मांगें मान लेने का दावा किया है। सरकार इस बात को लेकर तैयार हो गई है कि पटवारी भर्ती प्रकरण की जांच हाईकोर्ट के जज की निगरानी में की जाए । आंदोलनरत युवक सीबीआई से तमाम भर्ती घोटाले की जांच की मांग कर रहे थे । सरकार ने सीबीआई जांच की मांग को खारिज कर दिया है और अपील की है कि युवक इस जांच पर भरोसा रखें। इस बीच 12 फरवरी को पटवारी भर्ती की परीक्षा एक बार फिर से होगी। लोक सेवा आयोग इस भर्ती को कर रहा है।
आयोग का दावा है कि पुराने पेपर नष्ट कर दिए गए हैं ,और एक्सपर्ट्स की देखरेख में पूरी भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से होगी। इस साल आयोग की तरफ से 32 भर्ती परीक्षाएं आयोजित करने की तैयारी की गई है। आंदोलन कर रहे युवकों की मांग थी कि पुरानी सभी भर्तियों को रद्द कर दिया जाए । लेकिन अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने इसको लेकर स्पष्ट बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि “अगर सभी भर्तियां निरस्त हो जाएंगी तो निराशाजनक माहौल बन जाएगा “.
सरकार का दावा है कि जिन लोगों ने गड़बड़ियां की हैं उन्हें पकड़ा गया है और अभी भी धरपकड़ जारी है। इस बीच खबर आई कि एक कोचिंग सेंटर के मालिक को भी एसआईटी ने पकड़ लिया है। इस सेंटर पर लंबे समय से नजर रखी जा रही थी। पेपर लीक प्रकरण में यह सेंटर संदेह के घेरे में था। इस बीच सरकार ने नकल विरोधी अध्यादेश को तैयार किया और राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड ) गुरमीत सिंह ने इसे मंजूरी दे दी। अब सभी भर्ती परीक्षाएं इसी अध्यादेश के दायरे में ही होंगी। सरकार का दावा है कि पूरे देश में यह सबसे ज्यादा सख्त कानून है जो नकल को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
1. पटवारी भर्ती की जांच रिटायरजज की निगरानी में होगी
2. नकल विरोधी अध्यादेश को मंजूरी
3. कोचिंग संचालक गिरफ्तार
4. सीबीआई जांच नहीं राधा रतूड़ी
5. पुलिस की भूमिका की जांच हो, गढ़वाल कमिश्नर करेंगे जांच
6. अगर सभी परीक्षाएं निरस्त होंगी तो निराशा होगी
7. इस साल 32 परीक्षाएं होंगी, पेपर एक्सपर्ट्स ने बनाए हैं नए
8. पुराने पेपर नष्ट किए गए
9.12 फरवरी को पटवारी भर्ती
इधर सरकार ने पत्थरबाजी और लाठीचार्ज की घटनाओं का गंभीरता के साथ संज्ञान लिया है । सरकार ने गढ़वाल के कमिश्नर सुशील कुमार को इस जांच का जिम्मा सौंपा है । पहले आशंका व्यक्त की जा रही थी कि अगर एक जूनियर अधिकारी जांच करेगा तो डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट और एसएसपी कैसे उसकी जांच के दायरे में आ सकते हैं । लेकिन आशंकाओं को दरकिनार करते हुए सरकार ने जांच का जिम्मा कमिश्नर सुशील कुमार को सौंपा है । अब ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं डीएम और एसपी की भूमिका की गंभीरता के साथ जांच की जाएगी और आने वाले समय में सरकार इनके दायित्व में बड़ा फेरबदल कर सकती है।
मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने शुक्रवार को सचिवालय में प्रदेश में बनने वाली टनल पार्किंग की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को पर्वतीय जनपदों में खूबसूरत पर्यटन स्थलों के आसपास छोटी-छोटी पार्किंग बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नेशनल हाईवे और स्टेट हाइवे से लगे कम ढलान वाले क्षेत्रों में भी सर्फेस पार्किंग आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि टनल और ऑटोमेटेड पार्किंग के लिए जिन स्थानों का चिन्हीकरण हो गया है, उन्हें गतिशक्ति पोर्टल के माध्यम से पोर्टल बेस्ड मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने प्रदेश में लगातार नए पार्किंग स्थल ढूंढ़ते रहने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि पार्किंग के लिए नए स्थलों का चिन्हीकरण एक लगातार प्रक्रिया के रूप में भविष्य में भी जारी रहना चाहिए। कहा कि किसी भी पार्किंग प्रोजेक्ट में किसी भी स्तर में आ रही समस्या के लिए सम्बन्धित अधिकारी या सचिव से लगातार सम्पर्क कर समस्या का निस्तारण किया जाए। उन्होंने पार्किंग प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा प्रत्येक सप्ताह की जाए।
प्रदेश भर में कुल 26 स्थल टनल पार्किंग के लिए चयनित किए गए हैं। जिनका विभिन्न स्तरों में कार्य प्रगति पर है।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन एवं प्रमुख सचिव श्री आर. के. सुधांशु सहित सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।
मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने शुक्रवार को सचिवालय में प्रदेश में बनने वाली टनल पार्किंग की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को पर्वतीय जनपदों में खूबसूरत पर्यटन स्थलों के आसपास छोटी-छोटी पार्किंग बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नेशनल हाईवे और स्टेट हाइवे से लगे कम ढलान वाले क्षेत्रों में भी सर्फेस पार्किंग आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि टनल और ऑटोमेटेड पार्किंग के लिए जिन स्थानों का चिन्हीकरण हो गया है, उन्हें गतिशक्ति पोर्टल के माध्यम से पोर्टल बेस्ड मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने प्रदेश में लगातार नए पार्किंग स्थल ढूंढ़ते रहने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि पार्किंग के लिए नए स्थलों का चिन्हीकरण एक लगातार प्रक्रिया के रूप में भविष्य में भी जारी रहना चाहिए। कहा कि किसी भी पार्किंग प्रोजेक्ट में किसी भी स्तर में आ रही समस्या के लिए सम्बन्धित अधिकारी या सचिव से लगातार सम्पर्क कर समस्या का निस्तारण किया जाए। उन्होंने पार्किंग प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा प्रत्येक सप्ताह की जाए।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश भर में कुल 26 स्थल टनल पार्किंग के लिए चयनित किए गए हैं। जिनका विभिन्न स्तरों में कार्य प्रगति पर है।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन एवं प्रमुख सचिव श्री आर. के. सुधांशु सहित सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे। सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मालदेवता रायपुर देहरादून बीएससी गृह विज्ञान विभाग द्वारा “आपातकालीन परिस्थिति में प्राथमिक चिकित्सा सहायता एवं तम्बाकू निषेध” विषय पर दो दिवसीय संगोष्ठी एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य प्रो. वंदना शर्मा के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में बी० एस० सी गृह विज्ञान की विभागाध्यक्ष डॉ डिंपल भट्ट द्वारा संगोष्ठी का सूक्ष्म परिचय दिया गया साथ ही “say no to tobacco” विषयक व्याख्यान भी दिया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं को तंबाकू के सेवन की बुरी आदत को कम करने की सलाह एवं तरीकों से अवगत कराया. कार्यशाला की शुरुआत में जीवन बचाने में प्राथमिक चिकित्सा की भूमिका पर जोर दिया गया। जिसके अंतर्गत प्रदर्शन कार्यक्रम के माध्यम से डॉ ऋतु सिंह द्वारा छात्र-छात्राओं को सम्मिलित करते हुए सी. पी. आर एवं अन्य जीवन रक्षक विधि का प्रदर्शन किया गया, साथ ही उनके द्वारा विभिन्न प्रकार की आपातकालीन परिस्थिति जैसे डॉग बाइट, हीट स्ट्रोक तथा तीव्र ज्वर इत्यादि की स्थिति में कुशल प्रबंधन विषयक व्याख्यान दिया गया। इसी के क्रम में सुषमा मल्होत्रा के द्वारा छात्र छात्राओं को थैलेसीमिया एवं एनीमिया के विषय में जागरूक किया गया तथा इनके दुष्परिणामों से बच्चों को अवगत कराया गया, साथ ही विवाह से पूर्व इसकी जांच को अनिवार्य रूप से करवाने पर बल दिया गया। कांफ्रेंस के द्वितीय चरण में तंबाकू नियंत्रण के प्रभावी तरीकों पर विचार-विमर्श व व्याख्यान दिया गया। जिसके अंतर्गत जिला तबाकू नियंत्रण सेल की डॉ अनुराधा (मनोवैज्ञानिक) द्वारा तंबाकू के दुष्परिणामों के बारे में छात्र छात्राओं को अवगत कराया गया, साथ ही इस लत व दुष्परिणामों से दूर रहने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में बताया गया। डॉ अनीता चौहान द्वारा छात्र-छात्राओं को नित्य प्रतिदिन अच्छी आदतों को अपने दैनिक जीवन में शामिल करने हेतु प्रोत्साहित किया गया तथा सफल जीवन हेतु नशे से दूर रहने की नसीहत भी दी गई। एडिशनल सीएमओ डॉ. डी० एस० चौहान के द्वारा अनीमिया मुक्त भारत एवं विभाग द्वारा संचालित विभिन्न स्वास्थ्यवर्धक योजनाओं के बारे में बताया गया। डॉ चौहान एवं महाविद्यालय प्राचार्य द्वारा रंगोली एवं पोस्टर प्रतियोगिताओं के विजेताओं एवं प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए गए। प्राचार्य द्वारा छात्र, छात्राओं को प्राथमिक चिकित्सा के महत्व और जीवन रक्षक कौशल के रूप में इसकी क्षमता के बारे में जागरूक किया गया। प्राचार्य द्वारा स्वास्थ्य विभाग की इस पहल पर सराहना के साथ ही सभी प्रतिभागियों को तंबाकू की लत से दूर रहने के लिए अपील की गई। उनके द्वारा विद्यार्थियों को इस कार्यशाला से अधिकतम लाभ लेने हेतु प्रेरित किया गया तथा भविष्य में भी समय-समय पर इस तरह के आयोजनों द्वारा छात्र-छात्राओं को अधिकतम लाभ प्रदान करने की आवश्यकता महसूस की गई। विभागाध्यक्ष डॉ डिंपल भट्ट द्वारा अनीमिया को कम करने हेतु पारंपरिक भोजन को दैनिक जीवनशैली में शामिल करने हेतु प्रेरित किया गया। साथ ही कार्यशाला का लाभ अधिकतम लोगों तक पहुंचाने के लिए सामाजिक परिवर्तन प्रेरक के रूप में कार्य करने की अपील की गई। इसी श्रंखला में पूजा रानी द्वारा नियमित स्वास्थ्य जांच एवं सरकार द्वारा चलाई गई विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं के बारे में छात्र छात्राओं को अवगत कराया गया। इस कार्यशाला में 75 छात्र- छात्राओं का रक्त जाँच, स्वास्थ्य परीक्षण एवं दवाइयों का वितरण राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य केंद्र रायपुर देहरादून के डॉ हिमांशु रमोला एवं डॉ सरिता रमोला के द्वारा किया गया।
1-राज्य सरकार पटवारी भर्ती पेपर लीक मामले की एसआईटी जांच को हाई कोर्ट के जज की निगरानी में कराएगी। 2-सीबीआई जांच की मांग को उत्तराखंड हाई कोर्ट द्वारा अस्वीकार किया जा चुका है। हाई कोर्ट पहले ही यह अवधारित कर चुका है कि जांच सही हो रही है इसलिए प्रकरण की सीबीआई नहीं करायी गई। 3-आंदोलनरत युवाओं की एक मांग पटवारी भर्ती में प्रश्नपत्र बदले जाने की थी। लोक सेवा आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि 12 फरवरी को होने जा रही पटवारी परीक्षा के प्रश्न पत्र नए सिरे से तैयार किए गए हैं। 4-सख़्त नकल विरोधी अध्यादेश को मंजूरी प्रदान की जा चुकी है। 5- राज्य लोक सेवा आयोग के परीक्षा नियंत्रक को हटा दिया गया है। तमाम मांगों पर कार्यवाही किए जाने से आंदोलन जारी रखने का कोई औचित्य नहीं रह जाता है।
उत्तराखण्ड प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता एवं शुचिता को सुनिश्चित करने के लिए 09 फरवरी, 2023 को उत्तराखण्ड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) अध्यादेश 2023 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा अनुमोदन प्रदान करते हुए माननीय राज्यपाल की मंजूरी के लिए अग्रसारित किया था। इस अध्यादेश में दोषियों के विरूद्ध सख्त प्रावधान किए गए हैं।
यदि कोई व्यक्ति, प्रिटिंग प्रेस, सेवा प्रदाता संस्था, प्रबंध तंत्र, कोचिंग संस्थान इत्यादि अनुचित साधनों में लिप्त पाया जाता है तो उसके लिए आजीवन कारावास तक की सजा तथा दस करोड़ रूपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
यदि कोई व्यक्ति संगठित रूप से परीक्षा कराने वाली संस्था के साथ षडयंत्र करता है तो आजीवन कारावास तक की सजा एवं 10 करोड़ रूपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
यदि कोई परीक्षार्थी प्रतियोगी परीक्षा में स्वयं नकल करते हुए या अन्य परीक्षार्थी को नकल कराते हुए अनुचित साधनों में लिप्त पाया जाता है तो उसके लिए तीन वर्ष के कारावास व न्यूनतम पांच लाख के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। यदि वह परीक्षार्थी दोबारा अन्य प्रतियोगी परीक्षा में पुनः दोषी पाया जाता है तो न्यूनतम दस वर्ष के कारावास तथा न्यूनतम 10 लाख जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
यदि कोई परीक्षार्थी नकल करते हुए पाया जाता है तो आरोप पत्र दाखिल होने की तिथि से दो से पांच वर्ष के लिए डिबार करने तथा दोषसिद्ध ठहराए जाने की दशा में दस वर्ष के लिए समस्त प्रतियोगी परीक्षाओं से डिबार किए जाने का प्रावधान किया गया है। यदि कोई परीक्षार्थी दोबारा नकल करते हुए पाया जाता है तो क्रमशः पांच से दस वर्ष के लिए तथा आजीवन समस्त प्रतियोगी परीक्षाओं से डिबार किए जाने का प्रावधान किया गया है।
अनुचित साधनों के इस्तेमाल से अर्जित सम्पति की कुर्की की जायेगी।
इस अधिनियम के अन्तर्गत अपराध संज्ञेय, गैर जमानती एवं अशमनीय होगा।
8 फरवरी को गांधी पार्क में धरने के दौरान की घटना और 9 फरवरी को देहरादून में बेरोज़गार संघ द्वारा आयोजित धरने के दौरान हुए पथराव की वजह से क़ानून व्यवस्था की विषम परिस्थिति उत्पन्न हो गई थी। मुख्यमंत्री के निर्देश के क्रम में क़ानून व्यवस्था की उत्पन्न विषम परिस्थिति तथा पथराव एवं लाठी चार्ज के पूरे घटना क्रम की विस्तृत मजिस्ट्रीयल जाँच हेतु आयुक्त गढ़वाल मण्डल, सुशील कुमार को जाँच अधिकारी नामित किया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने जनपद भ्रमण के दौरान थारु राजकीय इंटर कॉलेज पहुंच कर परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। श्री धामी ने कॉलेज पहुंच कर अपनी पुरानी यादें ताजा की। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री इस विद्यालय के छात्र रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर अपने विद्यार्थी जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे जमीन पर बैठकर पढ़ाई करते थे और लिखने के लिए तख्ती का उपयोग किया करते थे। उन्होंने कहा कि उनके आगे बढ़ने में विद्यालय का बहुत बड़ा योगदान है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने एग्जाम के दौरान उत्पन्न होने वाले तनाव, जिज्ञासा आदि पर मार्गदर्शन किया है, श्री धामी ने कहा कि तनाव से दूर रहने हेतु एक्जाम वारियर परीक्षा पे चर्चा पुस्तक को अवश्य पढ़ना चाहिए।
बालिका अष्टवी राज ने प्रश्न पूछा कि जैसे परीक्षा की घड़ी नजदीक आती जा रही है, वैसे-वैसे घबराहट बढ़ती जा रही, किस प्रकार टाइम मैनेजमेंट करें कि सारे सब्जेक्ट कवर हो जाएं, इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा से घबराने की जरूरत नहीं है, कठिन लगने वाले सब्जेक्ट को अधिक समय दीजिए, शिक्षकों, दोस्तों के साथ टॉपिक एवं विषय पर विस्तार से चर्चा कीजिए। उन्होंने कहा कि मैं भी सामान्य छात्र रहा हूं, हमें किसी भी सब्जेक्ट को कठिन नहीं मानना चाहिए बल्कि एक पाठ के बाद दूसरे पाठ को इस प्रकार लेना चाहिए कि कुछ अच्छा और नया सीखने के लिए मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यक्ति स्वयं के लिए सबसे अच्छा टाइम मैनेजर होता है, अपनी आवश्यकता के अनुसार टाइम मैनेज करना चाहिए और प्रातःकाल जरूर उठना चाहिए तथा दिनचर्या में व्यायाम एवं खेलों को भी शामिल करना चाहिए ।
मोहम्मद रेहान ने प्रश्न पूछा कि बारहवीं के बाद क्या विकल्प चुनना चाहिए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सभी विद्यार्थियों को यह जरूर सोचना चाहिए कि हमें किस क्षेत्र में आगे बढ़ना है, क्या करना है। श्री धामी ने कहा कि हमें अपनी रूचि के अनुसार करियर का विकल्प चुनना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे गुरु एवं अभिभावक कैरियर चुनने के लिए गाइड कर सकते हैं परंतु कैरियर का चुनाव हमें अपनी रूचि के अनुसार ही करना चाहिए।
मोहम्मद आरिफ ने प्रश्न किया कि एग्जाम के नजदीक आने पर प्रेशर एवं डिप्रेशन बढ़ता जा रहा है, पढ़ाई कैसे की जाए, इस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “मन के जीते जीत है, मन के हारे हार“। श्री धामी ने कहा कि एग्जाम से डरने की जरूरत नहीं है, एग्जाम युद्ध का मैदान नहीं है और प्रश्न सिलेबस के बाहर से भी आने वाले नहीं है अर्थात प्रश्न सिलेबस से ही पूछे जाएंगे, श्री धामी ने कहा कि टाइम का ही मैनेजमेंट करना है और पूरी निष्ठा ईमानदारी एवं लगन से पढ़ाई करने के साथ-साथ व्यायाम एवं खेलकूद को भी समय देना चाहिए।
प्रेरणा ने प्रश्न पूछा कि पहले और अब की पढ़ाई में क्या परिवर्तन दिखाई दे रहा है, इस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अंतर इतना है कि पहले तख्ती पर पढ़ाई लिखाई होती थी और टाट एवं चटाई पर बैठकर पढ़ाई करते थे। उन्होंने कहा कि साइंस एंड टेक्नोलॉजी तेजी से आगे बढ़ रही है तकनीकी ज्ञान वर्तमान के बच्चों को ज्यादा है।
प्रियांशी ने पूछा कि नकारात्मक विचारों से कैसे बचा जाए, मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यक्ति को सकारात्मक सोच रखनी चाहिए क्योंकि सोच से ही विचार उत्पन्न होते हैं, उन्होंने कहा कि मन में सकारात्मक सोच, उत्साह एवं उमंग होनी चाहिए। हमारे मन में उत्साह होगा तो हमारे अंदर ऊर्जा आएगी और खराब सोच भूल जाएंगे। श्री धामी ने कहा कि अपनी सोच के दायरे को कुआ की तरह सीमित न रखते हुए विशाल महासागरों की तरह बढ़ाना होगा, स्वामी विवेकानंद ने भी कहा है कि मनुष्य अनंत शक्ति एवं ऊर्जा का भंडार है।
आरिश ने प्रश्न पूछा कि स्पोर्ट्स के क्षेत्र में कौन-कौन सी योजनाएं हैं जिससे आगे बढ़ा जा सकता है, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार नई स्पोर्ट्स नीति लेकर आई है जिसमें प्रावधान किया गया है कि यदि कोई खेल क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करता है तो उसके बाहर आने जाने, रहने, खाने के साथ ही नौकरी की भी व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि नौकरियों में खेल कोटा शुरू कर रहे हैं।
अनमोल प्रजापति ने प्रश्न किया कि अपनी घबराहट एवं झिझक को कैसे दूर कर सकते हैं, इस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमें अपने सोचने का नजरिया बदलना चाहिए, उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि आप किसी सभा में बोल रहे हैं तो यह सब मन से निकाल देना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति हमसे ज्यादा विद्वान इस सभा में उपस्थित है, क्योंकि उस समय सभी विद्वान सिर्फ और सिर्फ आपको सुन रहे होते हैं, आपको सकारात्मक विचारों के साथ अपनी बात को रखते रहना चाहिए। श्री धामी ने कहा कि मन में नकारात्मक सोच नहीं रहनी चाहिए और मोरल हाई रखना चाहिए, झिझक स्वतः ही दूर हो जाएगी।
अंजू गंगवार ने प्रश्न पूछा कि पॉलिटिक्स में कैसे आगे बढ़ा जाए, इस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उदाहरण देते हुए कहा कि जितने भी लोग देश दुनिया में इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया है उनका शुरुआती जीवन में कुछ बनने के लिए नहीं सोचा होगा, मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि “मुझे कुछ बनने के लिए नहीं बल्कि कुछ करने के लिए बनना है“। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति ही नहीं अपितु अपनी रूचि के अनुसार चुने गए कार्य क्षेत्र में पूरी ईमानदारी निष्ठा एवं लगन, समय बाध्यता के साथ कार्य करोगे तो निश्चित ही उस क्षेत्र के लीडर कहलाओगे। इसके साथ ही रिजवान अहमद ने एनसीसी, राहुल बडोनी ने इंग्लिश मीडियम आदि के बारे में प्रश्न पूछा, जिनका जवाब भी मुख्यमंत्री ने दिया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ऑडिटोरियम को आधुनिक बनाने, मुख्य भवन की मरम्मत कराने तथा फील्ड/खेल मैदान का सौंदर्यीकरण कराने की घोषणा की।
इस दौरान जिलाधिकारी युगल किशोर पंत, एसएसपी मंजूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी विशाल मिश्रा, मुख्य शिक्षा अधिकारी आरसी आर्य सहित विद्यार्थी तथा शिक्षक आदि उपस्थित थे।