मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को अयोध्या में श्रीराम लला विग्रह के दिव्य, भव्य, नव्य मन्दिर में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के पावन एवं गौरवशाली शुभ अवसर पर विशेष रामनाम ध्वजा से सजे हुये हरकी पैड़ी में आयोजित दीपोत्सव व विशेष आरती कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री ने हर की पैड़ी पहुंचकर बजाओ ढोल स्वागत में मेरे भगवान आये हैं….., मंगल भवन अमंगल हारी, अयोध्या आये मेरे प्यारे राम बोलो जै-जै श्रीराम आदि श्रीराम भजनों के बीच देश तथा प्रदेश की समृद्धि की कामना करते हुये पूजा-अर्चना तथा विशेष आरती की। पुष्कर सिंह धामी ने जैसे ही दीपोत्सव में दीप प्रज्ज्वलित करना प्रारम्भ किया, देखते ही देखते पूरी हरकीपैड़ी हजारों दीपकों की रोशनी से जगमगा उठी तथा सभी दिशायें पटाखों की ध्वनि तथा जय श्रीराम के उद्घोष से गुंजायमान हो गयी। हरकीपैड़ी की दीपोत्सव तथा विशेष आरती की यह छटा देखकर श्रद्धालु तथा उपस्थित जन-समूह अपने आपको इस अप्रतिम क्षण का साक्षी मानकर धन्य तथा सौभाग्यशाली समझ रहे थे।
दीपोत्सव तथा विशेष आरती कार्यक्रम का आयोजन श्रीगंगा सभा द्वारा किया गया। महामंत्री श्रीगंगा सभा श्री तन्मय वशिष्ठ तथा पदाधिकारियों ने हरकीपैड़ी पहुंचने पर मुख्यंत्री का भव्य स्वागत व अभिवादन किया तथा आभार व्यक्त किया।
उत्तराखंड में कांग्रेस के भीतर से अब अपने स्थानीय नेताओं को किनारे कर राष्ट्रीय स्तर के नेताओं को चुनाव लड़ने की मांग हुई है। उत्तराखंड में कांग्रेस की लगातार हार के बाद स्थानीय कार्यकर्ताओं में अपने नेताओं के प्रति भरोसा शायद कम हुआ है। उत्तराखंड में हाल ही में जिला अध्यक्षों का एक सम्मेलन हुआ ।
प्रियंका गांधी को उत्तराखंड में सक्रिय करने की मांग
गढ़वाल मंडल के जिला अध्यक्ष इस कार्यक्रम में सम्मिलित हो रहे थे। आगामी लोकसभा चुनाव के मध्य नजर पार्टी को जीत दिलाई जाने की रणनीति पर चर्चा हो रही थी। ऐसे में वह नाम कौन से हो सकता है जो पार्टी को जीत दिला सकते हैं। इस मुद्दे पर जब चर्चा गर्म हुई तो नाम आया प्रियंका गांधी का। प्रियंका गांधी अगर उत्तराखंड के हरिद्वार संसदीय सीट से चुनावी मैदान में उतरे तो उत्तराखंड कांग्रेस में एक नई जान आ सकती है।
हरीश रावत और हरक सिंह के बारे में नहीं सोचा
उत्तराखंड कांग्रेस के इन जिला अध्यक्षों ने एक बार भी यह नहीं सोचा कि हरिद्वार संसदीय सीट पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत अपनी दावेदारी पेश करते आ रहे हैं। इन तमाम लोगों ने यह भी नहीं सोचा कि हरक सिंह रावत भी इसी सीट पर अपनी दावेदारी प्रस्तुत करते रहे हैं। इन्हें मालूम है की इन दोनों नेताओं की झगड़े के कारण पार्टी को नुकसान हो सकता है। पार्टी में कुछ गुंजाइश जीत की बनी हुई है। इसलिए इसे बेकार नहीं जाने दिया जाना चाहिए। राष्ट्रीय स्तर पर अगर प्रियंका गांधी को हरिद्वार संसदीय सीट से चुनाव लड़ने के लिए आमंत्रित किया जाए तो पार्टी उत्तराखंड में जोश से भर जाएगी।
हिमाचल में जीत दिला चुकी हैं प्रियंका
उत्तराखंड कांग्रेस जनों को इस बात का आभास है कि राहुल गांधी तो हरिद्वार सीट पर चुनाव लड़ने के लिए नहीं आएंगे। साथ ही सोनिया गांधी के भी हरिद्वार सीट से चुनाव लड़ने की संभावना है नहीं है। इसलिए प्रियंका गांधी ही वह करिश्माई व्यक्ति हो सकते हैं जो उत्तराखंड जाकर उत्तराखंड में कांग्रेस को एक नई ऊर्जा दे सकते हैं। वैसे खबर यह भी है कि प्रियंका गांधी की मांग हिमाचल प्रदेश में भी बड़ी हुई है। वहां पिछले विधानसभा चुनाव में प्रियंका गांधी ने प्रचार अभियान की कमान संभाली थी और कांग्रेस को जीत हासिल हुई थी।
सोनिया गांधी जा सकती हैं राज्यसभा
खबर यह भी है कि अगले कुछ महीनो में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। ऐसे में राज्यसभा में भी प्रियंका को हिमाचल प्रदेश से भेजे जाने की चर्चा तेज हो रही है। कांग्रेस के भीतर हालांकि एक वर्ग यह कह रहा है कि सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी में से किसी एक नेता को लोकसभा का चुनाव लड़ाया जाए और दूसरे नेता को राज्यसभा भेजा जाए । सोनिया गांधी उम्र के उसे पड़ाव पर है जहां लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। इसीलिए उन्हें राज्यसभा भेजा जा सकता है और प्रियंका को चुनावी मैदान में उतर जा सकता है। उनके लिए सुरक्षित सीट को तलाशने की कवायद भी शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश की परंपरागत रायबरेली और अमेठी संसदीय सीटों का प्रतिनिधित्व करने वाली कांग्रेस उत्तर प्रदेश से धीरे-धीरे किनारे हो रही है। क्योंकि वहां पर उनका जनाधार खिसकने लगा है, और राहुल गांधी की हार के बाद यह स्पष्ट भी हुआ है ।
हरक सिंह गढ़वाल, हरीश रावत नैनीताल?
इसीलिए एक सुरक्षित सीट की तलाश है और वह सीट हरिद्वार की हो सकती है। लेकिन अगर हरिद्वार की सीट पर चुनाव लड़ने के लिए प्रियंका गांधी आएंगे तो फिर हरीश रावत और हरक सिंह रावत चुनाव में किधर जाएंगे। हरक सिंह रावत का गढ़वाल संसदीय सीट में थोड़ा बहुत जनाधार है। गढ़वाल संसदीय सीट की कई विधानसभा सीटों का प्रतिनिधित्व हरक सिंह रावत ने किया है। इसलिए वह वहां पर जोर लगा सकते हैं। अगर हरक सिंह रावत ने गढ़वाल संसदीय सीट पर जोर लगाया तो पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदयाल और पिछले प्रत्याशी मनीष खंडूरी क्या करेंगे? यह एक सवाल पैदा हो जाता है. हरीश रावत नैनीताल उधम सिंह नगर सीट पर फिर से जोर आजमाइश करेंगे जहां पिछली बार भी वह चुनाव हार गए थे। अभी देखना यह बाकी है कि आने वाले समय में कांग्रेस कैसे अपने चुनावी पत्ते खोलती है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री प्रल्हाद जोशी से भेंट की। मुख्यमंत्री ने न्यूनतम 1000 मेगावाट के पिट-हेड थर्मल पावर प्लांट स्थापित किये जाने के लिए उत्तराखण्ड राज्य को लगभग 125 मिलियन टन भण्डारण क्षमता की एक कोल ब्लॉक का आवंटन प्राथमिकता पर करने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुकूल औद्योगिक नीति के कारण राज्य में द्रुत गति से औद्योगिक विकास हुआ है, जिसके फलस्वरूप विद्युत की मांग में निरन्तर वृद्वि हुई है। सर्दियों के मौसम में बिजली की कमी गंभीर हो जाती है क्योंकि ठंडे तापमान के कारण नदियों में पानी का बहाव कम हो जाता है। राज्य में बिजली की मांग प्रतिवर्ष लगभग 4 से 5 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है और लीन सीजन की अवधि में प्रतिदिन लगभग 4 से 5 मि0यू0 की औसत कमी होती है।
औद्यौगिकीरण बढने के कारण आने वाले वर्षों में विद्युत की मांग और बढने की सम्भावना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा मंत्रालय के द्वारा की गई संस्तुति के दृष्टिगत राज्य में विद्युत परियोजनाओं के तेज गति से विकास किये जाने के लिए यूजेवीएन लि0 (राज्य सरकार का उपक्रम) और टीएचडीसी इण्डिया लि0 के बीच एक संयुक्त उपक्रम (टीएचडीसीआईएल-यूजेवीएनएल एनर्जी कम्पनी लि0) का गठन किया गया है। टीएचडीसी इण्डिया लि0 की तापीय विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में भी अनुभव को ध्यान में रखते हुए राज्य की विद्युत मांग की आपूर्ति हेतु इस नए संयुक्त उपक्रम के माध्यम से एक पिट-हेड थर्मल पावर प्लांट स्थापित किया जाना प्रस्तावित है। उत्तराखण्ड राज्य उन कुछ राज्य में से एक है जहां कोई भी थर्मल पावर स्टेशन संचालित नहीं है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से उत्तराखण्ड राज्य को एक कोल ब्लॉक का आवंटन प्राथमिकता पर करने का अनुरोध किया। केंद्रीय मंत्री ने यथासंभव सहयोग के प्रति आश्वस्त किया।
उत्तराखंड बीजेपी (Uttarakhand BJP) प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र प्रसाद भट्ट (Mahendra Prasad Bhatt) के बिगड़े बोल एक बार फिर से सबके सामने आए हैं. महेंद्र प्रसाद भट्ट ने कांग्रेस (Congress) को राक्षसी प्रवृत्ति का बताया है.
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि जिस तरीके से साधू सन्यासियों के यज्ञों को विध्वंस करने का काम राक्षसी प्रवृत्ति के लोग किया करते थे, उनकी तपस्या को भंग करने का काम किया करते थे. वैसे ही राम मंदिर निर्माण से लेकर श्री राम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा तक के कार्यक्रम में विध्वंस पैदा करने का काम कांग्रेस और कई विपक्षी दल कर रहे हैं.
जब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के बिगड़े बोल सामने आए तो प्रतिक्रिया देने के लिए उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करण मेहरा सामने आए करण माहरा (Karan Mahra PCC Chief) ने कहा की महेंद्र प्रसाद भट्ट का जन्म ब्राह्मण कुल में हुआ है । लेकिन अगर ऐसा व्यक्ति शंकराचार्य के विचारों पर ही सवाल खड़ा कर दे तो ब्राह्मण कुल भी कहेगा कि यह कैसा व्यक्ति ब्राह्मण कुल में पैदा हो गया है ।अब देखना यह है कि भविष्य में अमर यदि बोलो की सीमा कहां तक जाती है।
सरकार (Uttarakhand Government) की कार्यशैली में विरोधाभास साफ-साफ नजर आता है .एक तरफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) भ्रष्टाचार पर पड़ी कार्रवाई की बात करते हुए नजर आते हैं. विजिलेंस (Vigilance ) को सक्रिय करते हुए रिश्वतखोर को जेल की सलाखों के भीतर डाल रहे हैं. वही Uttarakhand के एक विभाग में भर्ती घोटाला (Recruitment Scam) हुआ और भर्ती घोटाले की जांच पूरी नहीं हो रही है. एक जांच पूरी करने के बाद दूसरी जांच बैठाई जा रही है, और दूसरी पूरी होने के बाद तीसरी जांच को बिठाया जा रहा है ।क्या सहकारिता विभाग में भ्रष्टाचार को बचाने की कोशिश हो रही है?
वास्तव में 2022 विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उत्तराखंड के देहरादून ,उधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ जिला सहकारी बैंकों में 223 पदों पर भर्तियां की गई थी । इन भर्तियों पर कई तरीके के सवाल खड़े हो गए थे। इसके बाद बीजेपी के वापस सत्ता में आने के बाद इस पूरे प्रकरण की जांच की गई। प्राथमिक जांच में बैंक के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों, बोर्ड के सदस्यों और राजनीतिक दलों की तरफ गड़बड़ झाला करने का इशारा किया गया।
इसके बाद एक जांच समिति बनाई गई। उसने अपनी जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी। लेकिन शासन ने जांच रिपोर्ट की जांच करने के लिए भी एक नई कमेटी बना दी है। इसके बाद ही सवाल खड़े हो गए कि क्या सरकार वास्तव में कोई बात छुपाना चाहती है या किसी को बचाने की कोशिश कर रही है ?
आपको बता दें कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर काफी सख्त रवैया अपनाया है। इस साल एक दर्जन से ज्यादा रिश्वतखोरों को विजिलेंस ने पड़कर जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया है। इसके अलावा 13 मामलों में एफआईआर दर्ज हो गई है। और लगभग 20 अधिकारी विजिलेंस के रडार पर हैं जो जांच का अप्रत्यक्ष रूप से सामना कर रहे हैं। ऐसे में जब सहकारिता विभाग में भर्ती घोटाले की जांच पर जांच के आदेश होते हैं तो विभाग की मंशा पर संशय जरूर होता है।
सवालों के घेरे में BCCI.Kapil Dev, M S Dhoni को ICC World Cup 2023 फाइनल में नहीं बुलाया.क्रिकेट वर्ल्ड (ICC World Cup 2023) कप खत्म होने के बाद विवाद शुरू हो गया है. विवाद इस बात को लेकर है कि आखिर बीसीसीआई (BCCI) ने दो पूर्व महान कप्तानों को क्यों फाइनल (ICC 2023 Fina) मैच में आमंत्रित नहीं किया?
2011 विश्व कप (Cricket world cup) के विजई कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra singh dhoni) (M S Dhoni) और 1983 क्रिकेट विश्व कप के विजय कप्तान कपिल देव ( Kapil Dev) क्यों इस महत्वपूर्ण मुकाबले से नदारत रहे? जबकि देश भर की कई जानी-मानी शख्सियत है पूर्व क्रिकेटर्स ( former creckters like Sachin Tendulkar) फिल्म जगत के जाने-माने अभिनेता, राजनीतिक व्यक्ति इस कार्यक्रम में विशेष रूप से बीसीसीआई द्वारा बुलाए गए थे.
कपिल देव ने एक बयान देकर अपनी नाराजगी जताई है. कपिल देव ने बयान दिया कि “उन्हें बुलाया नहीं गया था, इसलिए वह नहीं गए. कई बार बड़े आयोजनों में बड़ी जिम्मेदारियां होती हैं .और कई बार भूल वर्ष ऐसी त्रुटियां हो जाती हैं. इससे कपिल देव की नाराजगी स्पष्ट रूप से सामने आ जाती है. आपको बता दें फाइनल मुकाबले से पहले पूर्व कप्तान एम एस धोनी (M S Dhoni) उत्तराखंड (Uttarakhand) के पहाड़ों में छुट्टियां बिता रहे थे. इससे यह भी अंदाजा लगता है कि महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra singh dhoni) को भी फाइनल मुकाबले में नहीं बुलाया गया और तमाम तड़क भड़क से दूर होकर धोनी नैनीताल (Nainital ) और अल्मोड़ा (Almora ) की पहाड़ियों में सैर सपाटा करते हुए नजर आए ।अब देखना यह है कपिल देव के बयान के बाद किस तरीके की प्रतिक्रिया बीसीसीआई की तरफ से आती है और कैसे इस पूरे प्रकरण का समापन हो पता है।
Nainital High Court ने utttarakhand सरकार से जवाब मांगा. Uttarakhand News.Uttarkashi Tunnel Collapseउत्तराखंड सरकार (Uttarakhand Government) (Pushkar Singh Dhami Government) से नैनीताल हाईकोर्ट ने सीधा जवाब मांग लिया है .उत्तरकाशी (Uttarkashi) में सुरंग धसने (Tunnel Collapse) के मामले में राज्य सरकार को अगले 48 घंटे में नैनीताल हाईकोर्ट में जवाब दाखिल करना है.
इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami)से ताजा हालात को लेकर बातचीत की. साथ में यह सुझाव दिया की सुरंग के भीतर फंसे हुए तमाम मजदूर को यह संदेश दिया जाए कि उनके लिए बाहर बैठे तमाम लोक प्रयासों में जुटे हुए हैं और उन्हें हिम्मत हारने की आवश्यकता नहीं है. उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा.
इस बीच खबर यह है कि उत्तरकाशी (Uttarkashi) सुरंग हादसे पर बचाव दल को एक सफलता मिली है. सफलता यह है कि एक 6 इंच का पाइप सफलतापूर्वक डाला गया है । जिसके जरिए पौष्टिक आहार मजदूर तक पहुंचा जा सकेगा। इसके अलावा दवाइयां और मोबाइल फोन को भी पहुंच जाने की कोशिश की जाएगी ताकि स्पष्ट संदेश मिलता रहे और यदि कोई व्यक्ति बीमार है तो उसे तक दवाइयां पहुंचाई जाए।
एक और खबर उत्तराखंड से आई है कि उत्तराखंड में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आपदा प्रबंधन (International Conference on Disaster Management) पर होने जा रहा है .और देश और दुनिया के कई एक्सपट्र्स (Experts on disaster management) जाकर अपना ज्ञान इस सम्मेलन में बताएंगे. इन विशेषज्ञों से यह पूछा तो जाना ही चाहिए कि आखिर उत्तराखंड या हिमालय क्षेत्र (Himalaya)(Himalayan Region) में आने वाली आपदा का कैसे सामना किया जाता है. क्योंकि उत्तरकाशी में जो हालात है वह हम सबके सामने हैं तमाम एक्सपट्र्स और एक्सपर्ट्स एजेंसियां फेल हो गई हैं।
उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 2023 हेतु संयुक्त राज्य अमीरात (यूएई) दौरे के दूसरे दिन उत्तराखण्ड सरकार के प्रतिनिधि मंडल ने अबू धाबी में विभिन्न उद्योग समूहों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री धामी की उपस्थिति में विभिन्न समूहों के साथ राज्य सरकार की ओर से यूएई दौरे के दूसरे दिन 3550 करोड़ के इन्वेस्टमेंट एमओयू किए गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी उद्योग घरानों को आगामी 8 एवं 9 दिसम्बर माह में देहरादून में आयोजित होने वाले समिट हेतु निमत्रण भी दिया।
इस दौरान मुख्यमंत्री श्री धामी के साथ कैबिनेट मंत्री डा. धनसिंह रावत भी मौजूद रहे। बुधवार को अबू धाबी में उत्तराखण्ड सरकार द्वारा किए गए ₹3550 करोड़ के इन्वेस्टमेंट एमओयू में क्रमशः लूलू ग्रुप के साथ रियल एस्टेट सेक्टर हेतु 1000 करोड़, हायपर मार्केट के साथ हॉस्पिटेलिटी सेक्टर में निवेश हेतु 500 करोड़ एवं फूड पार्क हेतु 250 करोड़, एसीटी फैसिलिटिज मिडिल ईस्ट के साथ हॉस्पिटेलिटी सेक्टर में 1500 करोड़ एवं रिजेन्ट ग्लोबल के साथ फार्मा सेक्टर में निवेश हेतु 300 करोड़ के एमओयू शामिल हैं। इससे पूर्व यूएई दौरे के पहले दिन दुबई सीएम धामी की उपस्थिति में 11925 करोड़ के इनवेस्टमेंट एमओयू साइन किए गए थे। कुल मिलाकर संयुक्त अरब अमीरात में 15 हजार 475 करोड़ के इन्वेस्टमेंट एमओयू किए गए।
CM धामी ने बुधवार को अबु धाबी में इन्स्टीट्यूट ऑफ चार्टेड एकाउन्टेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भी प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपने सम्बोधन में कहा कि विश्व में चाटर्ड एकाउन्टेंट्स के सबसे बड़े संगठन के मेघावी सदस्यों के बीच आना अपने आप में गौवर का क्षण है। उन्होंने कहा कि देश दुनियां में उत्तराखण्ड की पहचान देवभूमि के रूप में है जहां एक ओर केदारनाथ, बदरीनाथ धाम, जागेश्वर आदि मंदिर स्थित हैं, वहीं हमारा प्रदेश गंगा और यमुना जैसी पवित्र नदियों का उद्गम स्थल भी है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हमारी सरकार ने सांस्कृतिक, प्राकृतिक एवं आध्यात्मिक सुंदरता को बचाये रखते हुए प्रदेश के विकास का मार्ग चुना है। इसके लिए हमने सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और संतुष्टि को अपना मूलमंत्र माना है। उन्होंने कहा कि टूरिज्म, वेलनेस और हॉस्पिटेलिटी इंडस्ट्री के साथ-साथ उत्तराखण्ड में अनेक नए एवं गैर परंपरागत उद्योगों को विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केन्द्र सरकार के सहयोग से एक ओर जहां राज्य में पिछले पांच वर्षों में करीब 1 लाख 50 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं, वहीं दूसरी ओर 20 हजार करोड़ से अधिक की विकास योजनाओं पर कार्य गतिमान है। उत्तराखण्ड भी अपनी अवस्थापना परियोजनाओं, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा आदि के क्षेत्र में आपके ज्ञान एवं अनुभव का लाभ लेने हेतु तत्पर है।मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद उद्यमियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि रियल स्टेट क्षेत्र में यूएई ने अत्यंत प्रगति की है, यहाँ की प्रसिद्ध इमारतें विश्व में अपना प्रतिमान स्थापित कर चुकी हैं। उत्तराखण्ड भी अपने शहरों का सुनियोजित विकास एवं नये शहरों की स्थापना करने हेतु आपके साथ सहयोग करने का इच्छुक है, जिससे इस क्षेत्र में आपकी विशेषज्ञता का लाभ उठाया जा सके। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार निवेशकों को राज्य में सभी प्राथमिक आवश्यक सुविधायें उपलब्ध कराने हेतु सदैव तत्पर है। और विशेष रूप से गत दो वर्षों में प्रदेश सरकार ने राज्य में निवेश आकर्षित करने की दिशा में सुनियोजित प्रयास किये हैं।
लन्दन एवं बर्मिंघम और उसके बाद दिल्ली के रोड शो के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से 40 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, उससे यह सिद्ध होता है कि देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी उद्यमी, उत्तराखंड में निवेश करने के लिए उत्साहित हैं।कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री डा. धन सिंह रावत ने भी अपना सम्बोधन दिया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव मुख्यमंत्री डा. आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, सचिव उद्योग विनय शंकर पांड्य, महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा समेत प्रतिनिधि मंडल के अन्य सदस्य एवं आईसीएआई के सदस्य मौजूद रहे।
CM पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार का डेलिगेशन लंदन और बर्मिघम में बड़े बिजनेस हाउसेस से बैठक कर उन्हें आगामी दिसंबर में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के लिए आमंत्रित करेगा। राज्य सरकार लंदन और बर्मिघम दौरे पर टूरिज्म, आईटी, एजूकेशन, हेल्थकेयर, फूड प्रोसेसिंग के अलावा ऑटोमोबिल इन्डस्ट्री के उद्योग घरानों के साथ बैठकें की जाएंगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में 26 सितंबर को लंदन में आयोजित होने वाले रोड शो के दौरान डेलिगेशन रोपवे के क्षेत्र में अग्रणी पोमा ग्रुप के साथ बैठक करेंगे। बैठक में पोमा ग्रुप के साथ प्रदेश में इको फ्रेंडली मोबिलिटी के सम्बंध में चर्चा की जाएगी। इसी दिन लंदन में अन्य उद्योग घरानों के साथ बैठक की जाएगी एवं विश्वस्तरीय निवेशकों को उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर मीट के लिए आमंत्रित किया जाएगा। ब्रिटेन भ्रमण के दौरान डेलिगेशन द्वारा लंदन के प्रमुख हस्तियों से भी भेंट की जाएगी।
डेलिगेशन द्वारा 27 सितंबर को बर्मिघम में डब्ल्यू0एम0जी0 वार्बिक मेनिफेक्चरिंग ग्रुप के साथ बैठक की जाएगी। इसके साथ ही टीवीएस नॉर्टन ग्रुप के साथ उत्तराखंड में निवेश की सम्भावनाओं पर चर्चा की जाएगी। इस दौरे पर ब्रिटेन के टूरिज्म सेक्टर से जुड़ी बड़े घरानों से भी बैठक आयोजित की जाएगी।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड में आयोजित होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर समिट को लेकर प्रदेश सरकार ने तैयारियां पूरी कर दी हैं। राज्य सरकार दुनियांभर के इन्वेस्टर्स को उत्तराखंड में आमंत्रित करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है। उत्तराखंड के प्रति दुनियाभर के बड़े निवेशकों का ध्यान आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा देश के बड़े शहरों के अलावा विदेश में भी निवेशकों से विचार विमर्श शुरू कर दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में राज्य की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिये सशक्त उत्तराखण्ड मिशन लॉच किया गया है, जिसके तहत अगले 5 वर्षों में राज्य की एसजीडीपी को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य द्वारा इस लक्ष्य की प्राप्ति की कड़ी के रूप में उत्तराखण्ड ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट-2023 का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में वर्तमान में लगभग 6000 एकड़ का लैण्ड बैंक विभिन्न सैक्टर के उद्योगों की स्थापना हेतु उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में रेल, रोड एवं एयर कनेक्टिविटी में लगातार सुधार हुआ है। देहरादून एयरपोर्ट से विभिन्न शहरों के लिये सीधी वायु सेवा उपलब्ध हो गई है। देहरादून एवं पंतनगर एयरपोर्ट का विस्तार भी किया जा रहा है। रेलवे नेटवर्क के विकास एवं उन्नयन के तहत ऋषिकेश – कर्णप्रयाग रेललाईन निर्माण का कार्य प्रगति पर है। राज्य में चार धाम यात्रा को सुगम बनाने के लिये ऑल वेदर रोड का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के उद्यमियों का राज्य में निवेश बढ़ाने में सबसे अधिक सहभागिता है। हमारी सरकार सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि के आधार पर कार्य कर रही है और यह तभी सम्भव है, जब उद्योग संघों से निरन्तर संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए।
काशीपुर में अरोमा पार्क, सितारगंज में प्लास्टिक पार्क, काशीपुर में इलैक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर तथा अमृतसर कोलकाता इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर की स्थापना की दिशा में प्रभावी कदम उठाये गये हैं। राज्य में पर्यटकों एवं श्रद्वालुओं की सुविधा हेतु सभी स्थलों पर नवाचार के माध्यम से सुविधाओं का विकास किया जा रहा है निर्यात् को बढ़ावा देने के लिये भी नीति निर्धारित की गई है।
उत्तराखंड सरकार ने एक और प्राधिकरण के गठन को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। औली विकास प्राधिकरण बनाया गया है। इस प्राधिकरण के दायरे में आने वाले तमाम निर्माण कार्य अब प्राधिकरण की मंजूरी के बाद ही हो पाएंगे।उत्तराखंड सरकार के इस फैसले से ओली और उसके आसपास के क्षेत्र में प्लानिंग के साथ निर्माण होने की उम्मीद की जा रही है।
औली वह क्षेत्र है जो पूरी दुनिया भर में विंटर गेम्स के लिए जाना जाता है । लेकिन औली के ठीक नीचे बसा जोशीमठ वह क्षेत्र है जो इस साल के शुरुआत में परेशानी का कारण बना। यहां कई मकान और दुकानों के अतिरिक्त बड़े निर्माण में बड़ी-बड़ी दरार आ गई थी। जिससे लोगों को दूसरे स्थान पर शिफ्ट करना पड़ा। कई बड़े होटलों को ध्वस्त करने का फैसला भी लेना पड़ा।न सिर्फ उत्तराखंड बल्कि देश की कई बड़ी एजेंसियों ने औली के ठीक नीचे जोशीमठ पर गंभीरता के साथ अध्ययन किया।
ऐसा माना जा रहा है कि जोशीमठ और उसके आसपास का क्षेत्र भी औली विकास प्राधिकरण के दायरे में आएगा। और यहां पर जो भी निर्माण कार्य होंगे इसकी मंजूरी प्राधिकरण से ही लेनी होगी।यह वह क्षेत्र है जो बद्रीनाथ धाम का एक प्रमुख पड़ाव है और पर्यटन के लिहाज से भी पिछले कुछ दशकों में काफी तेजी से विकसित हुआ है ।अब देखना यह है सरकार के इस ताजा फैसले से किस तरीके से निर्माण कार्यों में एक विशेष तरीके की प्लानिंग देखी जाती है। यह देखना काफी महत्वपूर्ण होगा कि कहीं सरकार के इस फैसले से गांव देहात के एक आम आदमी को तो परेशानी नहीं होगी।